Jodhpur Air Show: जोधपुर में गुरुवार को वायुसेना दिवस के मौके पर एयर शो का आयोजन किया जा रहा है। जोधपुर एयरबेस से सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के 9 हॉक-132 विमान आसमान में अपनी एरोबेटिक क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। टीम ने उड़ान के दौरान केसरिया, सफेद और हरे रंग के धुएं से तिरंगा फॉर्मेशन बनाया, जिसे देखकर एयर शो में मौजूद लोगों का रोमांच बढ़ गया। सूर्यकिरण के विमानों ने सिर्फ तिरंगा ही नहीं बनाया, बल्कि आसमान में DNA फॉर्मेशन भी दिखाई। इसके साथ ही विमानों ने हवा में दिल की आकृति उकेरकर दर्शकों का ध्यान खींचा। अलग-अलग रंगों के धुएं और एक साथ बेहद सटीक तालमेल के साथ उड़ते विमानों ने पूरे एयर शो को खास बना दिया।
एयर शो के दौरान सूर्यकिरण टीम के विमान करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हुए कई जटिल एरोबेटिक मूव्स दिखाएंगे। इनमें वर्टिकल क्लाइंब, इन्वर्टेड क्रॉसओवर और बैरल रोल जैसे प्रदर्शन शामिल हैं। इन फॉर्मेशन में विमानों के बीच दूरी और उड़ान की टाइमिंग बेहद सटीक रखनी होती है। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम भारतीय वायुसेना की प्रमुख डिस्प्ले टीमों में शामिल है। इसके प्रदर्शन का मकसद सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन करना नहीं, बल्कि वायुसेना के पायलटों की ट्रेनिंग, नियंत्रण और टीमवर्क का प्रदर्शन करना भी है।
5 सारंग हेलिकॉप्टर दिखाएंगे क्रॉसओवर
एयर शो में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपने प्रदर्शन से रोमांच बढ़ाएगी। टीम के 5 एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर एक साथ हवा में उड़ान भरते हुए थ्रिलिंग मूव्स और क्रॉसओवर फॉर्मेशन दिखाएंगे। सारंग टीम के कमांडिंग ऑफिसर और टीम लीडर ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार ने टीम के इतिहास और इसके उद्देश्य की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सारंग टीम भारतीय वायुसेना की ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम करती है। देश और विदेश में एयर शो के दौरान प्रदर्शन के जरिए यह भारतीय वायुसेना की पेशेवर दक्षता और भारत के विमानन क्षेत्र की क्षमता को प्रदर्शित करती है। उन्होंने बताया कि सारंग टीम का एक बड़ा उद्देश्य युवाओं को भारतीय सेना और वायुसेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है। टीम की शुरुआत साल 2003 में हुई थी। उस समय भारत में बने स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव को वायुसेना में शामिल किया जा रहा था।
ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के मुताबिक, उस समय हेलिकॉप्टर की क्षमताओं का आकलन करने के लिए एक इवैल्यूएशन फ्लाइट बनाई गई थी। इसी दौरान यह विचार आया कि इस यूनिट के जरिए हेलिकॉप्टर की ताकत, संतुलन और उड़ान क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाए। इसके बाद सारंग टीम ने एयर शो में नियमित रूप से अपनी पहचान बनाई। 2003 में शुरुआत के बाद सारंग टीम भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एयर शोज में हिस्सा ले चुकी है। टीम के प्रदर्शन को देखने वाले दर्शकों के बीच इसकी अलग पहचान बनी है। जोधपुर एयर शो में स्वदेशी फाइटर जेट तेजस भी अपनी क्षमता दिखाएगा। तेजस का कोबरा मैन्यूवर प्रदर्शन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसके अलावा राफेल और सुखोई-30MKI की सोलो उड़ान भी दर्शकों को देखने को मिलेगी।
तरंग शक्ति में शामिल 8 देशों की एयरफोर्स
जोधपुर में इस समय ‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास भी चल रहा है। इसमें भारत के साथ अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, श्रीलंका, बांग्लादेश और जर्मनी की एयरफोर्स हिस्सा ले रही हैं। इन देशों के एयरफोर्स जवान भी जोधपुर में आयोजित एयर शो को देखने पहुंचे हैं। एयर शो ऐसे समय हो रहा है जब अलग-अलग देशों की वायुसेनाएं संयुक्त अभ्यास में भारतीय वायुसेना के साथ प्रशिक्षण और ऑपरेशनल अनुभव साझा कर रही हैं। ऐसे में सूर्यकिरण, सारंग, तेजस, राफेल और सुखोई-30MKI का प्रदर्शन भारतीय वायुसेना की अलग-अलग क्षमताओं को एक ही मंच पर दिखाएगा।
सूर्यकिरण के हॉक विमानों की सटीक फॉर्मेशन उड़ान से लेकर सारंग के हेलिकॉप्टरों के क्रॉसओवर और तेजस के कोबरा मैन्यूवर तक, एयर शो में एरोबेटिक और फाइटर एयरक्राफ्ट दोनों तरह की क्षमताओं का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। जोधपुर का यह एयर शो वायुसेना दिवस के आयोजन के साथ-साथ भारतीय वायुसेना की एरोबेटिक टीमों, लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों की क्षमता को करीब से देखने का मौका भी दे रहा है। खास बात यह है कि तरंग शक्ति में शामिल विदेशी एयरफोर्स के जवान भी इस प्रदर्शन के गवाह बन रहे हैं।

