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हाईकोर्ट बिल्डिंग में दरार-आग की घटनाओं के बाद एक्शन, 2 साल से फरार VCL मालिक हरिद्वार से गिरफ्तार

हाईकोर्ट बिल्डिंग में दरार-आग की घटनाओं के बाद एक्शन, 2 साल से फरार VCL मालिक हरिद्वार से गिरफ्तार

2 साल से फरार VCL मालिक हरिद्वार से गिरफ्तार

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VVinita Kohli

Rajasthan News: जोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग के निर्माण में सामने आई गड़बड़ियों के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने वीरेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी यानी VCL ग्रुप के मालिक वीरेंद्र गर्ग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया के मुताबिक वीरेंद्र गर्ग को सोमवार देर रात हरिद्वार से पकड़ा गया। आरोपी मामले के सामने आने के बाद गुरुग्राम से फरार हो गया था और करीब दो साल से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। गर्ग की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की टीम उसे हरिद्वार से जोधपुर लेकर आई है।

 

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बिल्डिंग हैंडओवर के बाद सामने आईं कई खामियां

राजस्थान हाईकोर्ट की नई बिल्डिंग का निर्माण वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। वर्ष 2019 में बिल्डिंग को हैंडओवर किया गया, जिसके बाद इसका उद्घाटन हुआ। हैंडओवर के बाद बिल्डिंग में कई खामियां सामने आने लगीं। इनमें सेंट्रल डोम में दरारें, कई जगह फॉल सीलिंग से जुड़ी समस्याएं और आग लगने की घटनाएं शामिल थीं। इन घटनाओं की जांच के लिए IIT जोधपुर, IIT बॉम्बे समेत विभिन्न एजेंसियों को जांच में शामिल किया गया। जांच के दौरान निर्माण और उससे जुड़े कामों में कई खामियां सामने आईं। इसके बाद मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। वर्ष 2024 में कुड़ी थाने में मामला दर्ज किया गया था।

 

 

कंस्ट्रक्शन कंपनी से लेकर मॉनिटरिंग अधिकारियों तक जांच

पुलिस की जांच में निर्माण करने वाली कंपनी, फायर सिस्टम लगाने वाली कंपनी और निर्माण की मॉनिटरिंग करने वाले RSRDC अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 12 अलग-अलग स्पेशल टीमें गठित कीं। इसके अलावा साइबर से जुड़ी जांच के लिए 4 स्पेशल टीमें भी बनाई गईं। इन टीमों ने जोधपुर, जयपुर, कोटा, बूंदी, अजमेर और अलवर के अलावा गुरुग्राम और दिल्ली-NCR में दबिश दी। पुलिस ने पंजाब के पटियाला, कपूरथला और लुधियाना तथा उत्तराखंड के हरिद्वार में भी आरोपियों की तलाश में कार्रवाई की।

 

 

RSRDC के दो अधिकारियों की भी गिरफ्तारी

पुलिस ने मंगलवार को RSRDC में कार्यरत रहे और हाल में XEN जयपुर के पद पर रहे दीपक मित्तल को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही तत्कालीन AEN RSRDC अजय किशन मुथा को भी गिरफ्तार किया गया। इससे पहले सोमवार को पुलिस ने RSRDC के तत्कालीन AEN जितेंद्र शर्मा, तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन राय, JK कंपनी के मालिक रामेश्वर दयाल, फायर इंस्टॉलेशन कंपनी के मालिक गोपाल लाल खंडेलवाल और पूर्व RSRDC अधिकारी राजेश पुरोहित को गिरफ्तार किया था। इन सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस अब निर्माण से जुड़े दस्तावेजों, तकनीकी रिपोर्ट और अधिकारियों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी।

 

 

अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार, आगे भी हो सकती हैं गिरफ्तारियां

पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच अभी जारी है और पुलिस को मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार या जांच के दायरे में आए अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं। वहीं पुलिस के आला अधिकारी भी मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और गिरफ्तार आरोपियों से होने वाली पूछताछ के आधार पर होगी।

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