Karnal Crime: कर्तव्य की आड़ में खाकी के नशे का एक और दर्दनाक नमूना करनाल के NDRI रोड पर सोमवार देर रात सामने आया। यहां 7 अक्टूबर के एक बड़े कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे टेंट व्यवसायी मुनीष और उनके कर्मचारियों पर खुद को जज का गनमैन बताने वाले पुलिसकर्मी ने हमला कर दिया। आरोपी की पहचान विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) अरुण संधु के रूप में हुई है, जो एडिशनल सेशन जज की सुरक्षा में तैनात बताया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
वारदात रात करीब 11:30 बजे की है। टेंट कारोबारी मुनीष अपने मजदूरों और परिवार के सदस्यों के साथ कार्यक्रम स्थल पर ढांचा खड़ा करवा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर अपनी निजी गाड़ी पर पड़ी, जिसके अंदर एक पुलिसकर्मी घुसा हुआ था और लोहे का सामान निकालकर गाड़ी की छत पर रख रहा था। जब मुनीष ने इस हरकत की वजह पूछी, तो शराब के नशे में धुत गनमैन गाली-गलौज पर उतारू हो गया।
दो बार में बदला खूनी रूप: पहले राइडर ने भेजा, फिर बंदूक लेकर लौटा आरोपी
मौके पर बढ़ते तनाव को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस राइडर को कॉल किया। पुलिस की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और शुरुआती बहस के बाद आरोपी अरुण संधु को वहां से हटाकर भेज दिया। पीड़ित पक्ष को लगा कि मामला शांत हो गया है और वे दोबारा अपने काम में जुट गए। लेकिन इसके ठीक 15-20 मिनट बाद आरोपी गनमैन बदले की आग में अंधा होकर वापस लौटा।
कारोबारी मुनीष का आरोप है कि लौटते ही गनमैन ने हमला कर दिया। उसने थप्पड़ मारे, मुनीष का गला घोंटने की कोशिश की और बंदूक की बट से सिर पर दो जोरदार वार किए, जिससे मुनीष लहूलुहान हो गए। इतने से भी जब उसका मन नहीं भरा, तो उसने सीधे कारोबारी के बेटे, भतीजे और दोस्त के बेटे को निशाना बनाते हुए सरकारी हथियार से गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
गाड़ियों के पीछे छिपकर बची जान, बुलेट मोटरसाइकिल में भी की तोड़फोड़
अचानक हुई इस फायरिंग से मौके पर चीख-पुकार मच गई। पीड़ित परिवार और मजदूरों ने वहां खड़ी गाड़ियों के पीछे कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित की शिकायत के मुताबिक, एक गोली गाड़ी के शीशे को चीरती हुई निकल गई, जबकि दूसरी गोली दूसरी गाड़ी के पिछले हिस्से से गुजरी। आरोपी ने दो फायर हवा और जमीन की तरफ भी किए।
इसके बाद भी आरोपी का तांडव थमा नहीं। उसने वहां खड़ी एक बुलेट मोटरसाइकिल के शीशे और पेट्रोल टंकी पर हमला कर तोड़फोड़ की और भागते हुए मजदूरों को भी निशाना बनाने का प्रयास किया। घटना के बाद बदहवास पीड़ित परिवार सिविल लाइन थाने पहुंचा और पुलिस को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस ने आरोपी को किया डिटेन, तैनाती की जुटाई जा रही कुंडली
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया। जांच का जिम्मा सब-इंस्पेक्टर (SI) बंसीलाल को सौंपा गया है। सिविल लाइन थाना प्रभारी (SHO) विक्रांत कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी अरुण संधु को हिरासत में ले लिया गया है।
SHO के मुताबिक, आरोपी विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) के रूप में तैनात है और खुद को जज साहब का गनमैन बता रहा है। पुलिस उसकी आधिकारिक तैनाती, हथियार के लाइसेंस और घटना के समय उसकी ड्यूटी की स्थिति की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल जांच और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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