Kota boat accident: राजस्थान के कोटा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नहर में नाव पलटने के मामले में बुधवार सुबह दो युवकों के शव बरामद किए गए। हादसे के बाद लापता हुए चार लोगों में से सूरज सिंह (22) और विकास वर्मा (22) के शव बचाव अभियान के दौरान मिले। दोनों कोटा शहर के निवासी थे। कोटा शहर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र मिश्रा और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की अधिकारी एकता महिपाल ने शव मिलने की पुष्टि की। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार रात रोक दिया गया तलाश अभियान बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे दोबारा शुरू किया गया था। सूरज सिंह और विकास वर्मा के शव हादसे वाली जगह से करीब 200 से 300 मीटर दूर एक-दूसरे के पास मिले। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे में लापता हुए दो अन्य युवकों की तलाश अब भी जारी है।
नाव में सात लोग थे सवार, तीन तैरकर बाहर निकले
यह हादसा मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्टील ब्रिज के पास हुआ। उस समय नाव में सात लोग सवार थे और वे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान नाव नहर में पलट गई और चार युवक पानी में डूबकर लापता हो गए। नाव में सवार सात लोगों में से दीपक, मानकंवर नाम की महिला और नाविक सुरेश तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। राहगीरों ने उन्हें बचाया। हादसे के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव दलों ने अभियान शुरू किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र मिश्रा के मुताबिक, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत मंगलवार रात करीब साढ़े 11 बजे तलाश अभियान रोक दिया गया था। बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे बचाव दल फिर से मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की।
दो चचेरे भाइयों की तलाश
हादसे के बाद लापता राहुल जोशी (18) और आशु जोशी (19) की तलाश की जा रही है। दोनों चचेरे भाई हैं और कोटा शहर के संजय नगर के निवासी हैं। एसडीआरएफ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें आसपास के जलक्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मंगलवार रात घटनास्थल का दौरा किया था। उन्होंने बचाव अभियान का जायजा लिया। प्रशासन और बचाव दलों का ध्यान अब लापता दोनों युवकों का पता लगाने पर है। अधिकारियों के अनुसार, चंबल नदी के घाटों और नहरों के किनारे प्रतिमा विसर्जन के लिए 10 से 12 स्थान चिह्नित किए गए थे। इन स्थानों पर बचाव दल तैनात करने के साथ सुरक्षा के जरूरी इंतजाम भी किए गए थे। हालांकि, मंगलवार को नाव पलटने का हादसा ऐसे स्थान पर हुआ, जहां प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध था। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित स्थान होने के बावजूद वहां बचाव दल तैनात थे। राजस्थान में भीषण सड़क हादसा, कार के डंपर से भिड़ने से खुली जेल लौट रहे 2 कैदियों की मौत

