Kota student death: राजस्थान के कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दो छात्रों की मौत के बाद उनके परिवारों में शोक है। रविवार को सामने आए दोनों मामले अलग-अलग थाना क्षेत्रों के हैं। एक छात्र JEE की तैयारी कर रहा था, जबकि दूसरा NEET की तैयारी के लिए कोटा में रह रहा था। पहला मामला जवाहर नगर थाना क्षेत्र का है, जहां मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी 16 वर्षीय छात्र अपने PG के कमरे में फंदे से लटका मिला। वह करीब छह महीने पहले कोटा आया था और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE की तैयारी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, छात्र रविवार को कोचिंग में टेस्ट देने के बाद PG लौटा था। रात करीब 10 बजे उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर साथ रहने वाले छात्रों को संदेह हुआ।
दूसरा मामला कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लैंडमार्क इलाके का है। यहां बिहार के दरभंगा निवासी 19 वर्षीय छात्र गौतम कुमार हॉस्टल के बाथरूम में अचेत मिला। उसे MBS अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं और पुलिस से मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है।
JEE छात्र टेस्ट देकर लौटा था, रात में कमरे में मिला शव
डीएसपी मनीष शर्मा के अनुसार, 16 वर्षीय छात्र जवाहर नगर थाना क्षेत्र में PG में रहता था और JEE की तैयारी कर रहा था। जवाहर नगर थाने के ASI महेंद्र सिंह ने बताया कि छात्र रविवार को कोचिंग में टेस्ट देने के बाद वापस आया था। रात में PG में रहने वाले छात्र आमतौर पर खाना खाने के बाद टहलने के लिए बाहर जाते हैं। इसी दौरान रात करीब 10 बजे सामने वाले कमरे में रहने वाले छात्र ने उसे आवाज लगाई। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और कई बार खटखटाने के बाद भी नहीं खुला। इसके बाद साथी छात्रों ने PG संचालक को जानकारी दी। संचालक ने खिड़की से अंदर देखा तो छात्र फंदे से लटका हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र को नीचे उतारकर MBS अस्पताल ले गई। वहां उसे मृत घोषित किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस ने रात में ही परिवार को सूचना दे दी थी और परिजन कोटा पहुंच गए। फिलहाल छात्र की मौत के कारण का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
NEET छात्र बाथरूम में मिला अचेत, परिजनों ने उठाए सवाल
दूसरा मामला कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र स्थित लैंडमार्क इलाके की श्रीजी रेजिडेंसी का है। पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय गौतम कुमार पिछले डेढ़ से दो साल से कोटा में रहकर NEET की तैयारी कर रहा था। 24 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे वह खाना लेकर हॉस्टल पहुंचा था। इसके बाद शाम को अन्य छात्र ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। अगले दिन 25 अक्टूबर की सुबह पास की इमारत में रहने वाला उसका भाई हॉस्टल पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने हॉस्टल संचालक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। गौतम बाथरूम में अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसे तुरंत MBS अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, छात्र के कान पर हल्की चोट के निशान थे। शुरुआती तौर पर चोट बाथरूम में फिसलने से लगने की आशंका जताई गई, लेकिन मौत की असल वजह की पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट से ही होगी।
चचेरे भाई ने हॉस्टल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर उठाए सवाल
गौतम के चचेरे भाई सोनू कुमार ने आरोप लगाया कि छात्र लंबे समय तक कमरे से बाहर नहीं आया, इसके बावजूद हॉस्टल प्रबंधन ने उसके बारे में पता करने की कोशिश नहीं की। उनका कहना है कि यदि कोई छात्र कई घंटों तक बाहर नहीं निकलता या खाना लेने नहीं आता, तो हॉस्टल संचालक को उसकी स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए थी। सोनू के मुताबिक, गौतम का भाई भी कोटा में पढ़ाई कर रहा है, लेकिन हॉस्टल में कमरा खाली नहीं होने के कारण वह पास की दूसरी इमारत में रह रहा था। इसी वजह से घटना का पता तब चला, जब वह अगले दिन भाई से मिलने पहुंचा। परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि गौतम बाथरूम में कैसे गिरा और उसे अस्पताल ले जाने से पहले क्या हुआ था।
परिजनों ने मौत के कारण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। यह मामला दर्ज होना किसी व्यक्ति की संलिप्तता साबित नहीं करता; पुलिस को जांच के आधार पर तथ्यों और जिम्मेदारी का पता लगाना होगा। दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है। JEE छात्र की मौत के कारण का पता अभी नहीं चला है, जबकि NEET छात्र की मौत को लेकर परिजनों की शिकायत पर जांच की जा रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
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