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Kurukshetra By-election: फर्जी मार्कशीट मामले के बाद बोढ़ा गांव को मिला नया सरपंच, गुरदेव पुरी 51 वोट से जीते

GGaganpreet Kaur
फर्जी मार्कशीट मामले के बाद बोढ़ा गांव को मिला नया सरपंच, गुरदेव पुरी 51 वोट से जीते
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पिहोवा। पिहोवा के बोढ़ा गांव की सरपंची पिछले एक साल से कानूनी दांव-पेंच और प्रशासनिक जांच की भेंट चढ़ी हुई थी। दरअसल, पूर्व सरपंच रामचंद्र ने पिछला चुनाव जीत तो लिया था, लेकिन उन पर 10वीं की फर्जी मार्कशीट लगाने का आरोप लगा। जांच में आरोप सही पाए गए और प्रशासन ने उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया। तब से गांव की कमान कार्यकारी सरपंच के तौर पर पंच देवीचंद संभाल रहे थे। इस उपचुनाव को गांव के सम्मान और शुचिता से जोड़कर देखा जा रहा था, यही वजह थी कि सुबह से ही पोलिंग बूथों पर मतदाताओं का उत्साह नजर आया।

गुरदेव पुरी की ‘वापसी’ और मतदाताओं का मिजाज

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रविवार सुबह 8 बजे जैसे ही मतदान शुरू हुआ, गांव की गलियों में चुनावी चर्चाएं तेज हो गईं। गुरदेव पुरी के लिए यह चुनाव किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था, क्योंकि पिछली हार की कसक उनके मन में थी। शाम 6 बजे तक चली लंबी प्रक्रिया के बाद जब गिनती शुरू हुई, तो गुरदेव पुरी के पक्ष में माहौल साफ नजर आने लगा। कुल पोल हुए 727 वोटों में से उन्हें 388 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी अमरीक सिंह 337 वोटों पर सिमट गए। दो मतदाताओं ने नोटा (NOTA) का बटन दबाकर किसी भी प्रत्याशी को योग्य नहीं माना।

प्रशासनिक मुस्तैदी और पंच पदों का हाल

शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए पिहोवा के एसडीएम अनिल कुमार दून और डीएसपी रणधीर सिंह खुद मोर्चा संभाले हुए थे। अधिकारियों ने कई बार बूथों का दौरा किया ताकि कहीं भी अप्रिय स्थिति न बने। वहीं, सरस्वती खेड़ा कॉलोनी में भी वार्ड-6 के पंच पद के लिए मुकाबला हुआ, जहां अमृता ने परमजीत को 36 वोटों से हरा दिया। जिले में पंचों के रिक्त पदों के लिए शुरू हुई इस प्रक्रिया में 14 पंचों का निर्विरोध चुना जाना बड़ी बात रही, हालांकि 8 वार्ड ऐसे भी रहे जहां किसी ने दावेदारी पेश नहीं की।

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