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Flood Relief Training Kurukshetra: हरियाणा में बाढ़ से जंग की तैयारी: कुरुक्षेत्र में जुटे प्रदेशभर के 130 जांबाज, सीखेंगे डूबते को बचाने का हुनर

GGaganpreet Kaur
हरियाणा में बाढ़ से जंग की तैयारी: कुरुक्षेत्र में जुटे प्रदेशभर के 130 जांबाज, सीखेंगे डूबते को बचाने का हुनर
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कुरुक्षेत्र। पिछले साल मानसून के दौरान हरियाणा ने बाढ़ का जो भयावह मंजर देखा, उससे सबक लेते हुए प्रशासन अब ‘आर-पार’ की तैयारी में जुट गया है। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर सोमवार से 6 दिवसीय राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर (Flood Relief Training Camp) का आगाज हुआ। अंबाला मंडल के कमिश्नर संजीव वर्मा ने विधिवत रूप से इस कैंप का शुभारंभ किया। इस शिविर में प्रदेश के कोने-कोने से आए 130 वॉलंटियर्स को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए जा रहे हैं, जबकि 20 अनुभवी मास्टर ट्रेनर्स को आधुनिक तकनीकों से ‘अप-टू-डेट’ किया जा रहा है।

गांव के तालाबों से निकलेंगे ‘रक्षक‘

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शुभारंभ अवसर पर वॉलंटियर्स का उत्साह बढ़ाते हुए कमिश्नर संजीव वर्मा ने कहा कि हरियाणा की मिट्टी ने दुनिया को बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। यहाँ के युवा गांवों के तालाबों में हाथ-पैर मारकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतते रहे हैं। उन्होंने कहा, “इसी जज्बे को अब सुरक्षा का ढाल बनाना है। हम गांवों के तालाबों को तैराकी के अनुकूल तैयार कर रहे हैं। यहाँ से ट्रेनिंग लेकर जाने वाले वॉलंटियर न केवल खुद कुशल बनेंगे, बल्कि अपने क्षेत्रों में जाकर अन्य युवाओं को भी तैराकी और बचाव कार्य सिखाएंगे।”

आपदा प्रबंधन में ‘टीम वर्क’ पर जोर

कमिश्नर वर्मा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा का कोई निश्चित समय नहीं होता, इसलिए पूर्व तैयारी ही जान-माल के नुकसान को कम करने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि बाढ़ के दौरान केवल इंसान ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु भी बड़ी संख्या में प्रभावित होते हैं।

उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे ट्रेनिंग कैंपों में पशुपालन विभाग, सिंचाई, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को एक साथ जोड़ा जाना चाहिए। कमिश्नर के अनुसार, आपदा के समय पूरा प्रशासन एक ईकाई के रूप में काम करता है, इसलिए ‘टीम वर्क’ का प्रशिक्षण अनिवार्य है।

तैराकी से लेकर ‘चप्पू नाव’ तक का सफर

जिला राजस्व अधिकारी (DRO) चेतना चौधरी ने कैंप की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि ट्रेनिंग के दौरान वॉलंटियर्स को केवल तैराकी ही नहीं, बल्कि रोइंग (Rowing), चप्पू वाली नाव चलाना और रेडक्रॉस की ‘फर्स्ट एड’ (प्राथमिक चिकित्सा) ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि कैंप के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले वॉलंटियर्स को सम्मानित किया जाएगा। जिस जिले के वॉलंटियर्स सबसे अधिक पदक जीतेंगे, उस जिले को ‘ओवरऑल ट्रॉफी’ से नवाजा जाएगा।

ब्रह्मसरोवर के गहरे पानी में लाइफ जैकेट पहने और नावों पर सवार ये वॉलंटियर्स इस बात का संकेत दे रहे हैं कि इस बार मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए हरियाणा का युवा पूरी तरह मुस्तैद है।

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