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Kurukshetra Bypass Project: कुरुक्षेत्र बाईपास को लेकर बड़ा फैसला, 29 गांवों में जमीनों की रजिस्ट्री पर लगी रोक

AAmandeep Singh
Kurukshetra Bypass Project: कुरुक्षेत्र बाईपास को लेकर बड़ा फैसला, 29 गांवों में जमीनों की रजिस्ट्री पर लगी रोक
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र को वैश्विक पटल पर एक आधुनिक और सुगम धार्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने की कवायद के बीच, भू-माफियाओं और सट्टेबाजों पर नकेल कसने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। दरअसल, जैसे ही किसी बड़े हाईवे या बाईपास परियोजना की घोषणा होती है, वैसे ही प्रस्तावित रूट के आसपास की जमीनों को ऊंचे दामों पर बेचकर सरकार से मोटा मुआवजा ऐंठने का खेल शुरू हो जाता है।

इसी खेल को समय रहते बेअसर करने के लिए उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने यह सख्त आदेश जारी किया है। प्रशासन का मानना है कि इस रोक से जहां एक तरफ जमीनों की कीमतों में होने वाली कृत्रिम वृद्धि पर अंकुश लगेगा, वहीं दूसरी तरफ वास्तविक भूमि स्वामियों (किसानों) को बिना किसी विवाद के उनका उचित और पारदर्शी मुआवजा मिलना सुनिश्चित हो सकेगा। इस संबंध में थानेसर और पिहोवा के सभी एसडीएम (SDM), डीआरओ (DRO), तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को साफ हिदायत दी गई है कि आदेश का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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इन 29 गांवों की जमीन से गुजरेगा बाईपास

परियोजना के भौगोलिक खाके की बात करें, तो यह बाईपास इंदबड़ी गांव से शुरू होकर मथाना गांव तक जाएगा, जो कुल 29 गांवों की सरहद को छुएगा। इसमें थानेसर तहसील के सर्वाधिक 24 गांवों को चिन्हित किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से ईदबड़ी, ज्योतिसर, बारवा, कैंथला खुर्द, किरमच, सुनेहड़ी, ईशाकपुर, सलारपुर, अमीन, खासपुर, जिरबड़ी, उमरी, शादीपुर लाडवा, किशनगढ़, दौलतपुर, मथाना, बीड़ सौंटी, मिर्जापुर, समसपुर, फत्तुपुर, समानी, बोढी, कडामी और मुनियारपुर शामिल हैं। वहीं, पिहोवा तहसील के अंतर्गत आने वाले 5 गांवों— मुर्तजापुर, बोर सैंदा, गढ़ी रोडान, लोहार माजra और खानपुर रोडान की भूमि भी इस बाईपास के दायरे में आएगी।

जाम से मुक्ति और आर्थिक समृद्धि का नया मार्ग

लगभग 28 किलोमीटर लंबा यह बाईपास केवल कुरुक्षेत्र के भूगोल को ही नहीं बदलेगा, बल्कि यह इस ऐतिहासिक शहर की अर्थव्यवस्था के लिए भी जीवनरेखा साबित होगा। वर्तमान में जीटी रोड और अन्य मार्गों से आने वाले भारी वाहन कुरुक्षेत्र शहर के भीतर से होकर गुजरते हैं, जिससे न सिर्फ आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, बल्कि वायु और ध्वनि प्रदूषण का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। बाईपास बनने के बाद ये तमाम भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे, जिससे स्थानीय निवासियों को रोजाना के दमघोंटू जाम से बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, बेहतर और सुगम कनेक्टिविटी के चलते बाईपास के दोनों ओर नए व्यावसायिक और औद्योगिक हब विकसित होंगे।

वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने का विजन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की दूरगामी सोच के तहत धर्मनगरी कुरुक्षेत्र को एक बड़े वैश्विक पर्यटन, धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास लगातार जारी है। कुरुक्षेत्र केवल हरियाणा या देश का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और वीवीआईपी मेहमानों के सफर को निर्बाध और आरामदायक बनाने में यह बाईपास सबसे अहम भूमिका निभाएगा। रजिस्ट्री पर रोक लगाने का यह त्वरित प्रशासनिक फैसला यह साफ करता है कि सरकार इस ड्रीम प्रोजेक्ट को बिना किसी कानूनी अड़चन और देरी के, तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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