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Fake Immigration Centers Kurukshetra: कुरुक्षेत्र में फर्जी इमिग्रेशन सेंटरों का आतंक: ठगी से परेशान महिला ने की आत्महत्या, पुलिस महकमे में हड़कंप

AAmandeep Singh
कुरुक्षेत्र में फर्जी इमिग्रेशन सेंटरों का आतंक: ठगी से परेशान महिला ने की आत्महत्या, पुलिस महकमे में हड़कंप
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र जिले में इमिग्रेशन के नाम पर धोखाधड़ी का कारोबार किसी नशे के रैकेट की तरह फैल चुका है। शहर के मुख्य बाजारों से लेकर रिहायशी इलाकों तक में ‘वीजा कंसल्टेंसी’ के बोर्ड लगाकर बैठे ये एजेंट असल में कबूतरबाजी के माहिर खिलाड़ी हैं। हाल ही में एक महिला की खुदकुशी ने इस काले धंधे की भयावहता को उजागर किया है। लोग विदेश जाने के नाम पर अपनी जीवनभर की पूंजी, पुरखों की जमीन और यहां तक कि मकान भी गिरवी रख देते हैं, लेकिन हाथ लगती है तो सिर्फ बर्बादी। अमेरिका और यूरोप भेजने के नाम पर इन एजेंटों ने युवाओं को जंगलों और जेलों की हवा खिलाई है, जिसका गवाह हाल ही में डिपोर्ट होकर लौटे दर्जनों हरियाणवी युवा हैं।

मजबूरी का फायदा: बिक रहे खेत और मकान

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इस ठगी का सबसे ज्यादा शिकार जिले का मध्यमवर्गीय और किसान परिवार हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खेती में बचता कुछ नहीं और सरकारी नौकरियों का अकाल है, ऐसे में युवा विदेश की ओर भाग रहे हैं। मझले किसान अपनी इकलौती जमीन का टुकड़ा इस उम्मीद में बेच देते हैं कि बेटा विदेश जाकर डॉलर कमाएगा और घर की गरीबी दूर करेगा। लेकिन फर्जी एजेंट न केवल पैसे डकार जाते हैं, बल्कि कई बार युवाओं को अवैध रास्तों (डंकी मार्ग) से भेजकर उनकी जान जोखिम में डाल देते हैं। जब तक परिवार को ठगी का एहसास होता है, तब तक उनके पास न जमीन बचती है और न ही सिर छुपाने की छत।

प्रशासनिक सुस्ती और जनता की मांग

प्रदेश सरकार ने भले ही इमिग्रेशन सेंटरों के लिए सख्त गाइडलाइंस बनाई हों, लेकिन कुरुक्षेत्र में इनका पालन होता नहीं दिख रहा। जागरूक नागरिकों की मांग है कि प्रशासन को उन वैध सेंटरों की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए जिनके पास सरकार का अधिकृत लाइसेंस है। फिलहाल स्थिति यह है कि आम आदमी को पता ही नहीं चलता कि कौन सी एजेंसी असली है और कौन सी महज एक दुकान। बिना किसी ठोस गारंटी के लाखों का लेन-देन हो रहा है और पुलिस कार्रवाई तब करती है जब पानी सिर से ऊपर निकल जाता है।

पुलिस कप्तान का सख्त रुख: होगी आर-पार की लड़ाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) चंद्र मोहन ने अब मोर्चा संभाल लिया है। एसपी ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि जिले में चल रहे सभी इमिग्रेशन सेंटर संचालकों की जल्द ही एक बड़ी बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी सेंटर बिना वैध दस्तावेजों के पाया गया, उसे न केवल बंद किया जाएगा बल्कि संचालकों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस अब उन शिकायतों पर भी फिर से काम कर रही है जो फाइलों में दबी हुई थीं। एसपी ने जनता से भी अपील की है कि वे लुभावने विज्ञापनों के झांसे में न आएं और किसी भी एजेंट को मोटी रकम देने से पहले उसकी साख और लाइसेंस की पूरी पड़ताल जरूर करें।

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