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Kurukshetra Gas Crisis: कुरुक्षेत्र में चूल्हा जलाना हुआ दुश्वार: गैस बुकिंग सिस्टम फेल, एजेंसियों पर लटके ताले

AAmandeep Singh
कुरुक्षेत्र में चूल्हा जलाना हुआ दुश्वार: गैस बुकिंग सिस्टम फेल, एजेंसियों पर लटके ताले
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के उपभोक्ताओं के सामने इन दिनों रसोई गैस का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हैरानी की बात यह है कि संकट गैस की कमी से ज्यादा ‘सिस्टम’ की नाकामी का है। पिछले कुछ दिनों से शहर की अधिकांश गैस एजेंसियों का ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम पूरी तरह ठप पड़ा है। आलम यह है कि न तो मोबाइल ऐप से बुकिंग हो पा रही है और न ही एजेंसियों पर मैन्युअल तरीके से नंबर लगाए जा रहे हैं। खाली सिलेंडर लेकर दर-दर भटक रहे लोगों को एजेंसियों के बाहर ‘सिस्टम बंद है’ के नोटिस और गिरे हुए शटर चिढ़ा रहे हैं।

उपभोक्ताओं में मची होड़, एजेंसियों पर लगा नोटिस

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सेक्टर और शहर के कई इलाकों में गैस लेने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। एजेंसी संचालकों ने अपनी परेशानी कम करने के लिए दफ्तरों के बाहर साफ लिख दिया है कि तकनीकी खराबी के कारण सेवाएं बाधित हैं। उपभोक्ता रामपाल और सुदेश ने बताया कि वे तीन दिनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई यह बताने को तैयार नहीं कि बुकिंग कब शुरू होगी। लोगों का कहना है कि जब वे फोन करते हैं तो रिसीव नहीं होता और मौके पर पहुंचने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने खाना बनाने का संकट गहरा गया है।

अफवाह या तकनीकी पेच? संचालकों के दावे अलग

एक तरफ जहां उपभोक्ता परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर कई गैस एजेंसी संचालकों का दावा है कि शहर में गैस की कोई किल्लत नहीं है। उनका कहना है कि आपूर्ति सुचारू है, लेकिन अफवाहों की वजह से लोग घबराकर जरूरत से ज्यादा बुकिंग की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सर्वर पर लोड बढ़ गया है। कुछ वितरकों ने स्पष्ट किया कि जिनकी बुकिंग पहले से हो चुकी है, उनके घरों तक सिलेंडर पहुंचाए जा रहे हैं। उनका तर्क है कि केवल उन्हीं लोगों को दिक्कत आ रही है जो फिलहाल नया नंबर लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

घरों तक पहुंचेगी गैस, पर कब?

एजेंसियों द्वारा चस्पा किए गए नोटिसों में यह तो कहा गया है कि उपभोक्ता केवल ऑनलाइन माध्यम का ही सहारा लें और सिलेंडर घर पहुंच जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि ऑनलाइन सिस्टम खुद ही ‘कोमा’ में है। कुरुक्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस तकनीकी खराबी को जल्द दूर करवाया जाए और तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मैन्युअल बुकिंग शुरू की जाए, ताकि आम जनता को इस परेशानी से निजात मिल सके।

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