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Kurukshetra News: पिहोवा से लापता ट्रांसपोर्टर कुलदीप का एक महीने बाद भी नहीं मिला सुराग, वीडियो में खोले थे कई राज

AAmandeep Singh
Kurukshetra News: पिहोवा से लापता ट्रांसपोर्टर कुलदीप का एक महीने बाद भी नहीं मिला सुराग, वीडियो में खोले थे कई राज
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पिहोवा। कुरुक्षेत्र के पिहोवा से बीती 30 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए 38 वर्षीय ट्रांसपोर्टर कुलदीप सिंह उर्फ दीपू का एक महीना बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। वक्त गुजरने के साथ-साथ जहां पुलिस की जांच सुस्त पड़ती दिख रही है, वहीं कुलदीप के बूढ़े माता-पिता, पत्नी और बच्चों की आंखों की उम्मीद अब पथराने लगी है। कुलदीप की मोटरसाइकिल पिहोवा नहर के किनारे लावारिस हालत में मिली थी, जिसके बाद से परिवार किसी अनहोनी की आशंका के बीच हर रोज खुद ही नहर और आसपास के इलाकों की खाक छान रहा है।

बंद आ रहे नंबर, पुलिस की थ्योरी से परिवार नाखुश

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लापता कुलदीप के बड़े भाई संजीव कुमार ने बताया कि वे दिन-रात कुलदीप के दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें से एक नंबर की सर्विस पूरी तरह बंद हो चुकी है, जबकि दूसरा नंबर लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। संजीव का आरोप है कि इस संवेदनशील मामले में कुरुक्षेत्र पुलिस से उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिल रही है। जब भी थाने के चक्कर काटे जाते हैं, अधिकारी ‘तलाश जारी है’ का एक रटा-रटाया जवाब देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। पुलिस की इस ढुलमुल कार्यप्रणाली से आहत होकर अब परिजन खुद ही अपने स्तर पर सुराग जुटाने को मजबूर हैं।

रो-रोकर बुरा हुआ पत्नी और तीन बच्चों का हाल

लापता कुलदीप शादीशुदा है और अपने माता-पिता, पत्नी व तीन बच्चों के साथ पिहोवा में ही रहता है। कुलदीप के अचानक गायब हो जाने से पूरे घर का चूल्हा ठंडा पड़ गया है। बड़ी बेटी वंशिका (16), हर्षिका (14) और 10 साल के छोटे बेटे खुशविंद्र को यह समझ नहीं आ रहा कि उनके पिता आखिर गए कहां हैं। बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई संजीव ने बताया कि कुलदीप बेहद सीधा और काम से काम रखने वाला इंसान था, लेकिन अनाज मंडी के एक रसूखदार शख्स ने उसे इस कदर जाल में फंसाया कि वह डिप्रेशन में चला गया।

धोखे से नाम लिखवा लिया मकान, वीडियो में खुले कई राज

संजीव कुमार के मुताबिक, कुलदीप पिछले 10 सालों से पिहोवा की अनाज मंडी में एक स्थानीय ट्रांसपोर्टर के साथ काम कर रहा था। पूरी ट्रांसपोर्ट कंपनी का लेखा-जोखा और गाड़ियों का संचालन कुलदीप के ही भरोसे था। आरोप है कि इसी साझीदार ट्रांसपोर्टर ने कुलदीप के सीधेपन का फायदा उठाकर धोखे से उसका मकान अपने नाम करवा लिया। लापता होने के ठीक पहले कुलदीप ने संजीव के व्हाट्सएप पर चार वीडियो मैसेज भेजे थे। इन वीडियो में कुलदीप रोते हुए कह रहा है कि उसने अपने घर के सोने-चांदी के जेवर गिरवी रखकर इस ट्रांसपोर्टर को 23 लाख रुपए दिए थे, लेकिन उसने सब हड़प लिया।

जान से मारने की धमकियां और लाखों का हेरफेर

वीडियो संदेशों में कुलदीप ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि मोटी रकम डकारने के बावजूद ट्रांसपोर्टर उसे घर खाली करने और सामान सड़क पर फेंकने की धमकियां दे रहा था। इसके अलावा प्रवीन नाम के एक शख्स के साथ 16-17 लाख रुपए के विवाद और कैथल के चीका के एक राइस मिल एजेंट के पास किराए के करीब 8 से 9 लाख रुपए फंसे होने की बात भी सामने आई है। कुलदीप के भाई का कहना है कि इन वीडियो में उन तमाम चेहरों और नामों का साफ जिक्र है जिन्होंने कुलदीप को इस अंजाम तक पहुंचाया, लेकिन पुलिस इन कड़ियों को जोड़ने में नाकाम साबित हो रही है।

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