कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा शहर से एक बेहद दर्दनाक और रहस्यमयी मामला सामने आया है। यहां के वीआईपी और पॉश इलाके मॉडल टाउन में बने वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के गोदाम के पीछे एक अज्ञात युवक ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। युवक का शव काफी समय से वीरान पड़े एक खंडहरनुमा कमरे के भीतर लोहे के कुंडे से लटका हुआ बरामद किया गया। उसने सुसाइड के लिए अपने लोअर (ट्रैक पैंट) का इस्तेमाल किया था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और आस-पास के लोग डरे हुए हैं।
चौकीदार की नजर पड़ी तो खुला मौत का राज
पुलिस जांच के मुताबिक, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के गोदाम के ठीक पीछे एक पुराना मकान है, जिसके दो-तीन कमरे पिछले लंबे समय से खंडहर हालत में तब्दील हो चुके हैं और अमूमन वहां कोई आता-जाता नहीं है। रविवार को वहां तैनात सरकारी चौकीदार जब घूमते हुए पीछे की तरफ गया, तो उसकी नजर कमरे के भीतर कुंडे से लटके शव पर पड़ी। खौफनाक मंजर देखकर चौकीदार ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पिहोवा सिटी थाना पुलिस और सीन ऑफ क्राइम (फॉरेंसिक) की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करने के बाद शव को फंदे से नीचे उतारा।
दाहिने हाथ का टैटू और हुलिया ही अब इकलौता सुराग
थाना सिटी पिहोवा के प्रभारी (SHO) सुनील वत्स ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की उम्र करीब 30 से 35 साल के बीच लग रही है। युवक का कद करीब 5 फीट 5 इंच है और वह दुबले-पतले शरीर का है। हुलिए की बात करें तो उसने हल्के पीले रंग की बिना कॉलर वाली टी-शर्ट पहनी हुई है, जिस पर काले रंग से अंग्रेजी में ‘DENIM’ लिखा है। साथ ही उसने एडिडास कंपनी की केपरी पहन रखी है। सबसे अहम सुराग उसके दाहिने हाथ (राइट बाजू) पर बना एक टैटू है, जिसमें कुछ लिखा तो नहीं है, लेकिन रफ्तार को दिखाने वाले (स्पीडोमीटर जैसे) निशान बने हुए हैं।
पहचान के लिए पुलिस खंगाल रही है गुमशुदगी का रिकॉर्ड
लोकल पुलिस ने घटना स्थल और आस-पास के मोहल्लों में लोगों को बुलाकर शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत शव को कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी (लोकनायक जयप्रकाश) अस्पताल की मोर्चरी में 72 घंटे की पहचान के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है। थाना प्रभारी सुनील वत्स ने बताया कि कुरुक्षेत्र और आस-पास के जिलों के थानों में हाल ही में दर्ज हुई गुमशुदगी (मिसिंग रिपोर्ट) के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, ताकि युवक के परिवार तक पहुंचा जा सके और आत्महत्या के असली कारणों का पता चल सके।

