Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Kurukshetra Railway Station Accident: कुरुक्षेत्र में दर्दनाक रेल हादसा: तीर्थ यात्रा से लौट रहे बुजुर्ग की ट्रेन से गिरकर मौत, बेटे से हुई थी आखिरी बात

AAmandeep Singh
कुरुक्षेत्र में दर्दनाक रेल हादसा: तीर्थ यात्रा से लौट रहे बुजुर्ग की ट्रेन से गिरकर मौत, बेटे से हुई थी आखिरी बात
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र की पावन धरा जहाँ लोग मोक्ष की कामना लेकर आते हैं, वहीं फतेहाबाद के एक परिवार के लिए यह स्थान कभी न भूलने वाला गम दे गया। जाखल के गांव चंदड़ कलां निवासी रुलदुराम पिछले करीब एक महीने से विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा पर थे। शुक्रवार को जब वे घर वापसी के लिए कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पहुँचे, तो खुश थे कि जल्द ही अपनों के बीच होंगे। लेकिन स्टेशन पर चढ़ते समय हुआ एक मामूली सा असंतुलन उनकी मौत का सबब बन गया।

“बेटा, मैं घर आ रहा हूँ”… और फिर खामोश हो गया फोन

विज्ञापन

हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि ट्रेन पकड़ने से कुछ ही देर पहले रुलदुराम ने अपने बेटे हरविंद्र सिंह को फोन किया था। उन्होंने बड़े उत्साह से बताया था कि उनकी यात्रा पूरी हो गई है और वे अगली ट्रेन पकड़कर घर पहुँच रहे हैं। लेकिन कुरुक्षेत्र स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन चलने लगी, रुलदुराम ने उसे पकड़ने की कोशिश की। इसी दौरान उनका पैर पायदान से फिसल गया और वह सीधे पटरियों और प्लेटफॉर्म के बीच के गैप में जा गिरे। मौके पर मौजूद लोगों के शोर मचाने तक बुजुर्ग को गंभीर चोटें लग चुकी थीं और उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया।

पहचान की जद्दोजहद और पुलिस की कार्रवाई

हादसे के बाद राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू की। मृतक की शिनाख्त करना शुरुआती चुनौती थी, लेकिन तलाशी के दौरान उनकी जेब से एक आधार कार्ड बरामद हुआ। कार्ड और पर्स में रखे कुछ जरूरी कागजों पर लिखे फोन नंबरों के जरिए पुलिस ने जब फतेहाबाद संपर्क किया, तो उधर फोन उठाते ही खुशियां मातम में बदल गईं। बेटे हरविंद्र को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस पिता से अभी कुछ मिनट पहले बात हुई थी, उनकी खबर अब पुलिस दे रही है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक रुलदुराम अपने पीछे पत्नी प्रेमो देवी, दो बेटे हरविंद्र व कुलविंद्र और शादीशुदा बेटी बलजीत का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। जीआरपी के जांच अधिकारी ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों के बयानों के आधार पर फिलहाल इसे एक दुर्घटना मानते हुए 174 के तहत इत्तेफाकिया कार्रवाई की गई है। इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने के खतरों की ओर इशारा किया है, जो अक्सर जानलेवा साबित होते हैं।

विज्ञापन

कुरुक्षेत्र की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।