कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की पहचान और करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र सन्नीहित सरोवर पर इन दिनों चोरों और नशेड़ियों का आतंक है। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए लाखों रुपये खर्च कर यहाँ जो रंगीन फव्वारे और सजावटी लाइटें लगवाई थीं, वे अब गायब होने लगी हैं। हालत यह है कि सरकार और प्रशासन शहर को चमकाने में लगे हैं, लेकिन कुछ शरारती तत्वों की काली करतूतों की वजह से विकास की यह चमक फीकी पड़ती जा रही है।
पुलिस की सुस्ती से बढ़ा चोरों का हौसला
सन्नीहित सरोवर पर चोरी की यह कोई पहली वारदात नहीं है। हाल ही में संपन्न हुए अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के दौरान भी यहाँ से भारी मात्रा में सजावटी लाइटें चोरी हुई थीं, जिससे बोर्ड को लाखों का नुकसान झेलना पड़ा।
विडंबना यह है कि बार-बार हो रही इन घटनाओं के बावजूद पुलिस प्रशासन गहरी नींद में सोया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस केवल कागजी खानापूर्ति और लीपा-पोती में जुटी है। नशेड़ियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उनके हौसले सातवें आसमान पर हैं।
जनता के पैसे की बर्बादी और घटता पर्यटन
सरोवर का सौंदर्य बढ़ाने के पीछे मकसद तीर्थयात्रियों को एक मनोरंजक और शांत माहौल देना था, लेकिन अब यहाँ का नजारा बदल गया है। चोरों की वजह से फव्वारे बंद पड़े हैं और चारों तरफ अंधेरा पसरा रहता है।
सरकार की एजेंसियां कुरुक्षेत्र को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के लिए दिन-रात एक कर रही हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं उनके प्रयासों को बड़ा झटका दे रही हैं। यह सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर भी सीधा हमला है। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन सख्त कदम उठाए, वरना धर्मनगरी की यह अनमोल विरासत नशे की भेंट चढ़ जाएगी।

