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Kurukshetra Gas Cylinder Blast: सिलेंडर ब्लास्ट: शाहाबाद के यारा गांव में मची तबाही, 3 बच्चों समेत 8 झुलसे

AAmandeep Singh
सिलेंडर ब्लास्ट: शाहाबाद के यारा गांव में मची तबाही, 3 बच्चों समेत 8 झुलसे
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हरियाणा। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में बुधवार की सुबह किसी डरावने सपने जैसी रही। शाहाबाद के गांव यारा में एक रिहायशी मकान में रखे गैस सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ, जिसने आसपास के कई घरों को हिलाकर रख दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो धमाका इतना भीषण था कि लगा जैसे कोई बम फटा हो। रसोई की टाइलें उखड़कर हवा में तैरने लगीं और घर की पक्की दीवारों में गहरी दरारें आ गईं। गनीमत यह रही कि इंदौर के हालिया अग्निकांड की तरह यहाँ किसी की जान नहीं गई, लेकिन आग की लपटों ने पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया।

रसोई में गैस रिसाव बना तबाही की वजह

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शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह उस वक्त हुआ जब घर में खाना बनाने की तैयारी चल रही थी। बताया जा रहा है कि रेगुलेटर या पाइप से गैस का रिसाव काफी समय से हो रहा था, जो पूरे कमरे में फैल गई। जैसे ही आग जलाने की कोशिश की गई, गैस ने प्रचंड रूप ले लिया और सिलेंडर बम की तरह फट गया। इस रिसाव और धमाके की वजह से घर का मुख्य दरवाजा उखड़कर कई फीट दूर जा गिरा। चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने मलबे और आग के बीच फंसे लोगों को बाहर निकाला।

3 मासूमों समेत 8 लोग जिंदगी की जंग लड़ रहे

इस हृदयविदारक हादसे में परिवार के 8 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों में 3 छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए सभी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। गनीमत रही कि आग पड़ोसी घरों तक नहीं फैली, वरना नुकसान का आंकड़ा और भी भयावह हो सकता था।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी या महज हादसा?

धमाके की तीव्रता ने घर के ढांचे को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या सिलेंडर में कोई तकनीकी खराबी थी या फिर सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज किया गया था। गांव के लोगों में इस घटना के बाद से दहशत का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि रसोई में गैस की गंध आने पर तुरंत खिड़कियां खोलें और बिजली के स्विच न छुएं। फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर उपचार दिलाने और पीड़ित परिवार को मदद मुहैया कराने की है।

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