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Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में आधी रात को तनाव: शेखचिल्ली मकबरे के पास अवैध निर्माण पर भिड़े दो पक्ष, पुलिस तैनात

AAmandeep Singh
कुरुक्षेत्र में आधी रात को तनाव: शेखचिल्ली मकबरे के पास अवैध निर्माण पर भिड़े दो पक्ष, पुलिस तैनात
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में बीती रात उस समय सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई, जब शेखचिल्ली मकबरे के समीप स्थित मस्जिद परिसर में रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। जैसे ही स्थानीय हिंदू पक्ष के लोगों को इसकी भनक लगी, दर्जनों की संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते नारेबाजी तेज हो गई और माहौल गरमा गया। सूचना मिलते ही पुलिस की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और स्थिति को बिगड़ने से पहले ही संभाल लिया। फिलहाल पुलिस ने मौके पर चल रहे काम को रुकवा दिया है और इलाके में एहतियातन गश्त बढ़ा दी गई है।

“रात के अंधेरे में ही क्यों?”— स्थानीय लोगों ने उठाए गंभीर सवाल

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मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने सीधा सवाल दागा कि अगर यह निर्माण वैध था, तो इसे रात के वक्त चोरी-छिपे क्यों किया जा रहा था? स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 5-6 साल पहले भी इसी जगह पर निर्माण की कोशिश हुई थी, जिसे भारी विरोध के बाद बंद करना पड़ा था। उस समय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि इस प्रतिबंधित क्षेत्र के दायरे में बिना अनुमति कोई पत्थर भी नहीं रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मुस्लिम पक्ष ने पिछले पांच सालों में न तो कोई परमिशन ली और न ही विभाग को सूचित किया, बल्कि अब अचानक रात के वक्त निर्माण कर यथास्थिति बदलने की कोशिश की जा रही है।

शुक्रवार की भीड़ और सुरक्षा पर उठती उंगलियां

विरोध कर रहे लोगों ने केवल निर्माण पर ही नहीं, बल्कि यहां जुटने वाली भीड़ पर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि हर शुक्रवार को यहां बड़ी संख्या में बाहरी लोग नमाज के लिए जुटते हैं, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों को सुरक्षा और आवाजाही में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय निवासियों का तर्क है कि ऐतिहासिक मकबरे की शुचिता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां किसी भी तरह के नए ढांचे को मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए।

पुलिस का दखल और प्रशासन की चुप्पी

हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि फिलहाल किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और पुरातत्व विभाग के दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे का फैसला होगा। वहीं, ASI के अधिकारियों से भी इस संबंध में रिपोर्ट मांगी जा रही है। हालांकि, देर रात तक मस्जिद पक्ष की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। फिलहाल मौके पर शांति है, लेकिन अंदरूनी तनाव को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है।

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