पिहोवा। (अभिषेक पूर्णिमा) अक्सर देखा जाता है कि पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट या थानों के चक्कर काटकर थक चुके आम लोग न्याय की उम्मीद में जिला मुख्यालय तक दौड़ लगाते हैं। जनता की इसी परेशानी को भांपते हुए कुरुक्षेत्र पुलिस ने अब खुद जनता के द्वार पहुंचने की रणनीति बनाई है। इसी कड़ी में, कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) चंद्र मोहन आज, यानी 18 जून को पिहोवा के थाना सदर में एक विशेष ‘जनता दरबार’ लगाने जा रहे हैं। दोपहर ठीक 12 बजे से शुरू होने वाली इस जनसुनवाई में एसपी सीधे फरियादियों से मुखातिब होंगे और उनकी फाइलों पर जमी धूल साफ करेंगे।
मौका-ए-वारदात की तरह मौका-ए-समाधान; विभाग के आला अफसर रहेंगे मुस्तैद
पुलिस प्रवक्ता की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस जनता दरबार का खाका इस तरह तैयार किया गया है ताकि लोगों को त्वरित राहत मिल सके। अक्सर पेंडिंग जांच या ढुलमुल कार्रवाई की वजह से शिकायतें महीनों दबी रह जाती हैं। आज होने वाले इस दरबार में थाना सदर पिहोवा के अंतर्गत आने वाले सभी चौकी प्रभारी, जांच अधिकारी (IO) और थाना प्रभारी खुद मौजूद रहेंगे। जैसे ही कोई पीड़ित अपनी समस्या एसपी के सामने रखेगा, संबंधित अधिकारी को तुरंत तलब कर जवाब-तलब किया जाएगा और केस के स्टेटस के आधार पर मौके पर ही आदेश पारित किए जाएंगे।
“जनता और खाकी के बीच का फासला कम करना हमारी प्राथमिकता”— एसपी
इस विशेष मुहिम को लेकर पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन का रुख बेहद साफ है। उन्होंने कहा, “आम आदमी को न्याय के लिए दफ्तरों और बाबुओं के चक्कर न काटने पड़ें, यही हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। पुलिस की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो निष्पक्ष और पारदर्शी दिखे।” एसपी ने पिहोवा क्षेत्र की जनता से अपील की है कि यदि किसी भी नागरिक को पुलिस की किसी जांच, दर्ज मुकदमों या किसी अन्य शिकायत को लेकर कोई संशय या असंतोष है, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट और संकोच के सीधे थाना सदर आकर अपनी बात रख सकते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस और जनता के बीच अटूट विश्वास होना जरूरी है, और यह विश्वास तभी बनेगा जब खाकी आम आदमी की बात को संवेदनशीलता के साथ सुनेगी।

