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Baisakhi Mahotsav Kurukshetra: कुरुक्षेत्र में पहली बार राज्य स्तरीय बैसाखी महोत्सव: 500 ड्रोन्स के शो से जगमगाएगा आसमान

AAmandeep Singh
कुरुक्षेत्र में पहली बार राज्य स्तरीय बैसाखी महोत्सव: 500 ड्रोन्स के शो से जगमगाएगा आसमान
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कुरुक्षेत्र। सिख गुरुओं की चरण रज से पावन हुई कुरुक्षेत्र की भूमि इस बार एक ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है। हरियाणा सरकार ने फैसला किया है कि बैसाखी का पर्व अब केवल व्यक्तिगत उल्लास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे ‘राज्य स्तरीय महोत्सव’ के रूप में भव्यता दी जाएगी। 13 और 14 अप्रैल को केडीबी (KDB) मेला ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा खुद कमान संभाले हुए हैं ताकि इस पहली सरकारी पहल को यादगार बनाया जा सके।

500 ड्रोन्स रचेंगे नया इतिहास: पहली बार कुरुक्षेत्र के आकाश में दिखेगा ये मंजर

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इस महोत्सव का सबसे रोमांचक हिस्सा होगा ‘ड्रोन शो’। कुरुक्षेत्र के इतिहास में यह पहली बार होगा जब लगभग 500 हाई-टेक ड्रोन्स एक साथ उड़ान भरेंगे और रात के अंधेरे में अपनी रंग-बिरंगी लाइटों से बैसाखी और कुरुक्षेत्र के गौरवशाली इतिहास की आकृतियां उकेरेंगे। एक निजी एजेंसी को विशेष तौर पर इस शो के लिए तैयार किया गया है। उपायुक्त के मुताबिक, यह नजारा इतना भव्य होगा कि मेला ग्राउंड के साथ-साथ आसपास के कई किलोमीटर क्षेत्र से लोग इसे देख पाएंगे।

मुख्यमंत्री नायब सैनी भरेंगे जोश: दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा

13 अप्रैल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद इस महोत्सव का उद्घाटन करने पहुंचेंगे। उनके साथ कैबिनेट मंत्री, स्थानीय सांसद और विधायक भी मौजूद रहेंगे। सरकार का मकसद इस आयोजन के जरिए हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सिख गुरुओं के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। महोत्सव में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को दर्शाती प्रदर्शनी के साथ-साथ 70 से ज्यादा स्टॉल लगाए जाएंगे, जहाँ लोग हरियाणवी खान-पान और हस्तशिल्प का लुत्फ उठा सकेंगे।

दंगल, पगड़ी और पतंगबाजी: मिट्टी की खुशबू भी रहेगी बरकरार

तकनीक और आधुनिकता के बीच अपनी जड़ों को नहीं भुलाया गया है। महोत्सव के दौरान ‘पगड़ी प्रतियोगिता’ का आयोजन होगा, जो पंजाब और हरियाणा की आन-बान-शान का प्रतीक है। इसके अलावा, अखाड़ों में पहलवान अपनी ताकत का जौहर दिखाएंगे, तो वहीं पतंगबाजी के जरिए आसमान में पेंच लड़ाए जाएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक विभाग के बेहतरीन कलाकारों के अलावा स्कूल-कॉलेज के युवाओं को भी मंच दिया जा रहा है। सेल्फी पॉइंट्स और विशेष सजावट इस आयोजन को सोशल मीडिया पर भी हिट बनाने की तैयारी में हैं।

प्रशासन की ओर से पूरे प्रदेश के नागरिकों को इस महोत्सव का हिस्सा बनने का खुला निमंत्रण दिया गया है। कुल मिलाकर, इस बार कुरुक्षेत्र की बैसाखी सिर्फ गेहूं की कटाई का उत्सव नहीं, बल्कि आधुनिकता और परंपरा के अनूठे मेल का उत्सव होने जा रही है।

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