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Kurukshetra Super 100 School: कुरुक्षेत्र के बारना सुपर-100 स्कूल में भारी हंगामा, दीवार फांदकर भागीं 3 छात्राएं

AAmandeep Singh
Kurukshetra Super 100 School: कुरुक्षेत्र के बारना सुपर-100 स्कूल में भारी हंगामा,  दीवार फांदकर भागीं 3 छात्राएं
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सुपर-100’ के कुरुक्षेत्र (बारना) केंद्र पर उस वक्त सुरक्षा और प्रबंधन के सारे दावे ढह गए, जब एक के बाद एक तीन छात्राएं रहस्यमयी परिस्थितियों में दीवार फांदकर भाग गईं। सबसे पहले 17 मई को करनाल के फफड़ाना की एक छात्रा यहां से निकली, जिसके बाद बीते गुरुवार को नूंह के तावडू और जींद की दो और छात्राओं ने भी परिसर लांघकर पलायन कर लिया। इस घटनाक्रम के बाद संस्थान से कुछ ऐसी चिट्ठियां और ऑडियो सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है।

‘चिट्ठी पर लिखा मौत’ – अवसाद और खौफ का केंद्र बना परिसर?

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संस्थान के भीतर से जो दस्तावेज सामने आए हैं, वे बेहद विचलित करने वाले हैं। एक छात्रा ने अपने पत्र में परिजनों के फोन नंबर के साथ ‘मौत’ जैसे भयानक शब्द का इस्तेमाल किया है, जबकि दूसरी छात्रा ने लिखा कि ‘यहां मन नहीं लग रहा, मुझे वापस नवोदय स्कूल भेज दो’। बाहर आई एक छात्रा ने सीधे तौर पर संस्थान के भीतर मारपीट और मानसिक टॉर्चर किए जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। करनाल की जो छात्रा सबसे पहले भागी थी, वह इस कदर सहमी हुई है कि पिछले चार दिनों से असंध के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है।

17 घंटे तक सोता रहा प्रशासन, अंजान लोगों ने बचाई बच्चियों की जान

अभिभावकों ने संस्थान प्रबंधन पर संवेदनहीनता की सारी हदें पार करने का आरोप लगाया है। करनाल के पीड़ित पिता राजन के मुताबिक, उनकी बेटी रात को एक डेरे में शरण लेने के बाद सुरक्षित घर पहुंची, लेकिन स्कूल ने 17 घंटे बाद फोन कर महज औपचारिकता निभाई। वहीं, नूंह की रजनी ने बताया कि गुरुवार शाम को जब उनकी बेटी भागी, तो स्कूल ने उन्हें शनिवार सुबह सूचना दी। गनीमत रही कि बच्चियों को रास्ते में सही लोग मिल गए, वरना हाइवे के किनारे बसे इस इलाके में कोई भी बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

गेट पर चार घंटे हाई वोल्टेज ड्रामा, जबरन बयान बदलवाने का आरोप

शुक्रवार को जब विभिन्न जिलों से परेशान माता-पिता बारना पहुंचे, तो उन्हें करीब चार घंटे तक धूप में बाहर खड़ा रखा गया और बच्चों से मिलने नहीं दिया गया। परिजनों का आरोप है कि सुपर-100 प्रशासन बच्चों को मानसिक दबाव में रख रहा है। शिकायत करने पर स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SLC) रोकने की धमकी दी जा रही है। यही नहीं, परिजनों से जबरन वीडियो और लिखित क्लीन चिट मांगी जा रही है कि वे अपनी मर्जी से बच्चे ले जा रहे हैं। बाद में उप जिला शिक्षा अधिकारी के दखल के बाद ही मामला शांत हुआ और तीन बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द किया गया। इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि दखल देकर स्थिति को संभाला गया है, हालांकि संस्थान प्रबंधन ने इस पर पूरी तरह चुप्पी साध ली है।

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