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Crocodile in Kurukshetra: SYL नहर किनारे 'यमराज' का पहरा: 12 फीट लंबे मगरमच्छ ने उड़ाई ग्रामीणों की नींद

AAmandeep Singh
SYL नहर किनारे 'यमराज' का पहरा: 12 फीट लंबे मगरमच्छ ने उड़ाई ग्रामीणों की नींद
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों दहशत का साया है। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे जब दबखेड़ी गांव के लोग अपने रोजमर्रा के कामों में जुटे थे, तभी पुल के पास नहर किनारे एक 10 से 12 फीट लंबे मगरमच्छ को देखकर सबकी सांसें अटक गईं। विशालकाय मगरमच्छ आराम से किनारे पर बैठा था, जिसे देखते ही राहगीरों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन मगरमच्छ की खूंखार शक्ल और लंबाई देखकर किसी की भी पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। आनन-फानन में लोगों ने अपने मोबाइल फोन से दूर से ही वीडियो और तस्वीरें बनाईं, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

ज्योतिसर से दबखेड़ी तक खतरा: दो मगरमच्छों की मौजूदगी से बढ़ी चिंता

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यह कोई पहली घटना नहीं है, जिसने कुरुक्षेत्र के लोगों को डराया हो। पिछले सप्ताह ही ज्योतिसर गांव के पास करीब 14 फीट लंबा मगरमच्छ देखा गया था। उस समय भी गोताखोर प्रगट सिंह को सूचना दी गई थी, लेकिन जब तक टीम पहुंचती, शिकारी पानी की गहराइयों में ओझल हो चुका था। अब दबखेड़ी में दिखे इस दूसरे मगरमच्छ ने प्रशासन और ग्रामीणों की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि SYL नहर में कम से कम दो बड़े मगरमच्छ सक्रिय हैं, जो किसी भी वक्त इंसानों या मवेशियों के लिए काल बन सकते हैं।

पशुओं को सुरक्षित ठिकानों पर ले गए ग्रामीण, बच्चों को लेकर बढ़ी फिक्र

मगरमच्छ की आहट मिलते ही सबसे ज्यादा असर उन ग्रामीणों पर पड़ा है जिनके पशु नहर किनारे चरने जाते हैं या वहीं बंधे रहते हैं। दबखेड़ी के किसानों ने तुरंत अपने गाय-भैंसों को वहां से हटाकर घरों के भीतर सुरक्षित किया। ग्रामीणों का कहना है कि नहर किनारे खेती करना या मछली पकड़ना अब जान जोखिम में डालने जैसा है। खासकर छोटे बच्चों को लेकर अभिभावक बेहद डरे हुए हैं। प्रशासन ने भी लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से चेतावनी जारी की है कि कोई भी व्यक्ति अकेले या अंधेरे में नहर के पास न जाए।

जाल बिछाने की तैयारी: कैसे होगा ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’?

सूचना मिलते ही वन्यजीव विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। जाने-माने गोताखोर प्रगट सिंह ने बताया कि इतने बड़े और ताकतवर मगरमच्छ को पकड़ना कोई आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि मगरमच्छ बेहद फुर्तीला होता है और पानी के अंदर उसकी ताकत कई गुना बढ़ जाती है। योजना के मुताबिक, नहर के एक निश्चित हिस्से में दोनों तरफ मजबूत जाल लगाए जाएंगे ताकि उसे एक घेरे में सीमित किया जा सके। विभाग की कोशिश है कि जल्द से जल्द इसे काबू कर किसी सुरक्षित प्राकृतिक आवास या मगरमच्छ प्रजनन केंद्र (भौर सैदां) में छोड़ा जाए।

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