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Kurukshetra Youth USA Robbery: कुरुक्षेत्र का रविंदर बना अमेरिका में हीरो; कैलिफ़ोर्निया के डाउनटाउन में अकेले ही दबोचा अमेरिकी डाकू

GGaganpreet Kaur
कुरुक्षेत्र का रविंदर बना अमेरिका में हीरो; कैलिफ़ोर्निया के डाउनटाउन में अकेले ही दबोचा अमेरिकी डाकू
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कुरुक्षेत्र। सात समंदर पार अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया से एक ऐसी खबर आई है जिसने वहां रह रहे भारतीय और खासकर हरियाणवी समुदाय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा के पास स्थित इस्हाक गांव के रहने वाले रविंदर सिंह ने अपनी जान की परवाह न करते हुए एक शातिर अमेरिकी लुटेरे को धूल चटा दी। वारदात कैलिफ़ोर्निया के डाउनटाउन इलाके की है, जहां रविंदर के स्टोर में एक नकाबपोश बदमाश पिस्तौल लहराते हुए लूट के इरादे से दाखिल हुआ था। रविंदर ने न सिर्फ उस बदमाश की गन का खौफ खत्म किया, बल्कि उसे हवालात के पीछे पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई। इस पूरी जांबाजी का एक वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

ग्राहक बनकर आया था काल, काउंटर पर आते ही घूमा पासा

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रविंदर सिंह ने घटना की रोंगटे खड़े कर देने वाली तफसील साझा करते हुए बताया कि वह रोज की तरह स्टोर पर अकेले थे। इसी दौरान बाहर एक कार रुकी और उसमें से एक शख्स अंदर आया। रविंदर को लगा कि कोई आम ग्राहक सामान खरीदने आया है, लेकिन काउंटर के पास पहुंचते ही उस शख्स ने अपनी जैकेट से लोडेड गन निकाली और सीधे रविंदर की छाती पर तान दी। रविंदर के पास भी आत्मरक्षार्थ लाइसेंसी हथियार था, लेकिन बदमाश ने उन्हें संभलने का एक सेकंड का भी मौका नहीं दिया। बदमाश उन्हें डराते-धमकाते हुए सीधे कैश काउंटर के भीतर ले गया और खुद दराज से डॉलर निकालने लगा।

थप्पड़ और मुक्कों की बौछार, अमेरिका में चला ‘देशी’ दांव

बदमाश का पूरा ध्यान जैसे ही नोटों की गड्डियां समेटने पर गया, रविंदर ने भांप लिया कि यही एकमात्र मौका है। उन्होंने बिना वक्त गंवाए अपनी पूरी ताकत समेटकर बदमाश के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ मुक्के और थप्पड़ बरसाने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस जवाबी हमले की उम्मीद शातिर लुटेरे को बिल्कुल नहीं थी। रविंदर के भारी-भरकम मुक्कों की मार से बदमाश हड़बड़ा गया, उसकी गन हाथ से छूट गई और वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ा। इसी दौरान रविंदर ने गजब की सूझबूझ दिखाई। वे फौरन स्टोर के मुख्य दरवाजे से बाहर भागे, शटर को बाहर से लॉक कर दिया और अमेरिकी पुलिस के आपातकालीन नंबर पर कॉल घुमा दी।

पुलिस ने घेरा स्टोर, गाड़ी भी की जब्त

स्टोर के भीतर कैद लुटेरा बाहर निकलने के लिए छटपटाता रहा, लेकिन तब तक कैलिफ़ोर्निया पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाती हुई मौके पर पहुंच चुकी थीं। पुलिस ने स्टोर का ताला खुलवाकर जमीन पर पड़े बदमाश को बंदूक की नोक पर काबू किया और हथकड़ी लगाकर अपने साथ ले गई। पुलिस ने बाहर खड़ी आरोपी की उस कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है जिससे वह रेकी करने आया था। अमेरिकी पुलिस के आला अधिकारियों ने भी भारतीय मूल के इस युवक की बहादुरी की सराहना की है।

डंकी रूट का दर्द और कामयाबी की कहानी

रविंदर की यह बहादुरी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह मुकाम बेहद मुश्किलों के बाद हासिल किया है। परिजनों के मुताबिक रविंदर करीब 5 साल पहले सुनहरे भविष्य की तलाश में ‘डंकी रूट’ (अवैध रास्तों) के जरिए अमेरिका के लिए निकले थे। भारत से अमेरिका की सरहद तक पहुंचने में ही उन्हें करीब एक साल का वक्त लग गया। इसके बाद दो साल तक उन्हें वहां के शरणार्थी कैंप (डिटेंशन सेंटर) में बेहद कठिन दिन काटने पड़े। कैंप से रिहाई के बाद रविंदर ने दिन-रात मजदूरी की और अभी कुछ समय पहले ही पाई-पाई जोड़कर डाउनटाउन में अपना खुद का स्टोर खोला था। रविंदर का कहना है कि खून-पसीने की कमाई को वह किसी लुटेरे के हवाले इतनी आसानी से नहीं कर सकते थे।

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