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Ladwa Ashram Elderly Yoga Class: बाबा बंसी वाले वृद्धाश्रम में योग का चमत्कार, बुजुर्गों ने प्राणायाम से जीती बीपी-शुगर की जंग

GGaganpreet Kaur
बाबा बंसी वाले वृद्धाश्रम में योग का चमत्कार, बुजुर्गों ने प्राणायाम से जीती बीपी-शुगर की जंग
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लाडवा (कैलाश गोयल) भागदौड़ भरी जिंदगी और ढलती उम्र के बीच सेहत को दुरुस्त रखना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन लाडवा के बाबा बंसी वाले वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों ने इस चुनौती का डटकर सामना करने की ठान ली है। आश्रम के शांत वातावरण में इन दिनों बुजुर्गों की सुबह किसी दवाई की गोली से नहीं, बल्कि योग और ध्यान की गहरी सांसों के साथ शुरू होती है। वृद्धजनों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर यहां नियमित योगाभ्यास की एक नई और अनुकरणीय परंपरा की शुरुआत की गई है, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

सुबह 5 बजे सजती है सुरम्य महफिल; योगाचार्य सिखा रहे हैं सूक्ष्म व्यायाम के गुर

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आश्रम में रोजाना सुबह ठीक 5 बजे जब परिंदे चहचहाते हैं, तब सभी बुजुर्ग योग मैट पर नजर आते हैं। विख्यात योगाचार्य कमल किशोर और उनके सहयोगी बालकृष्ण मल्होत्रा पूरी तन्मयता के साथ इन वृद्धजनों को योग की बारीकियां सिखा रहे हैं। उम्र के तकाजे को देखते हुए यहां किसी तरह के कठिन आसन नहीं कराए जाते, बल्कि बुजुर्गों के अनुकूल हल्के सूक्ष्म व्यायाम, भ्रामरी, कपालभाति और अनुलोम-विलोम जैसे प्राणायाम पर विशेष जोर दिया जाता है। इसके साथ ही मानसिक शांति के लिए ध्यान (मेडिटेशन) का सत्र भी होता है, जो उन्हें दिनभर के लिए सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।

“अब कम खानी पड़ती हैं दवाइयां”- उप प्रधान संजय सिंघल ने जताया योग गुरुओं का आभार

बाबा बंसीवाला वृद्धाश्रम एवं अन्नक्षेत्र के उप प्रधान संजय सिंघल ने इस मुहिम के जमीनी असर पर बात करते हुए बताया कि आश्रम में रहने वाली तमाम बुजुर्ग महिलाएं और पुरुष अब खुद को पहले से कहीं ज्यादा एक्टिव और तरोताजा महसूस करते हैं। उन्होंने निस्वार्थ भाव से बुजुर्गों को समय देने के लिए योगाचार्य कमल किशोर और बालकृष्ण मल्होत्रा का दिल से आभार व्यक्त किया। संजय सिंघल के मुताबिक, “इस नियमित अभ्यास का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि कई बुजुर्गों की बरसों पुरानी पेट की बीमारियां ठीक हो गई हैं और उनका बीपी व शुगर लेवल भी अब काफी हद तक नियंत्रण में रहने लगा है, जिससे उनकी दवाइयों पर निर्भरता कम हुई है।”

अपनों के साथ से बढ़ा हौसला; योग सत्र में दिख रही बुजुर्गों की एकजुटता

योग की इस आरोग्यशाला में बुजुर्ग अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा आश्रम एक परिवार की तरह इस मुहिम का हिस्सा बन चुका है। रोजाना लगने वाली इस क्लास में मंजू, सीमा, सरिता, सुमन, शीला देवी, जसवंत कौर जैसी मातृशक्ति के साथ-साथ बलवंत, हरमेल सिंह, अरविंद मित्तल, पवन कुमार, अशोक चोपड़ा, बृजेश शर्मा, सुधीर और संत लाल सहित भारी संख्या में बुजुर्ग पूरी शिद्दत से भाग ले रहे हैं। इन बुजुर्गों का कहना है कि योग ने न सिर्फ उनके शरीर के दर्द को कम किया है, बल्कि उन्हें एक साथ मिलकर जीने और खुश रहने की एक नई वजह भी दे दी है।

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