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Ladwa Anaj Mandi: लाडवा अनाज मंडी में आर्थिक संकट: गेहूं खरीद के महीनों बाद भी नहीं मिली आढ़त, ₹4 करोड़ बकाया

GGaganpreet Kaur
लाडवा अनाज मंडी में आर्थिक संकट: गेहूं खरीद के महीनों बाद भी नहीं मिली आढ़त, ₹4 करोड़ बकाया
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लाड़वा  (विजय कौशिक) हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुए जहां ढाई महीने का वक्त गुजर चुका है, वहीं इस प्रक्रिया को मुकम्मल तौर पर बंद हुए भी एक महीना बीत गया है। लेकिन विडंबना देखिए कि अन्नदाता और सरकार के बीच सेतु का काम करने वाले कच्चे आढ़तियों को उनकी मेहनत की कमाई यानी ‘आढ़त’ (कमीशन) का एक भी पैसा अब तक नसीब नहीं हुआ है। पूरे सूबे के व्यापारियों में इस कदर मायूसी और आक्रोश है कि अब वे सड़कों और प्रेस वार्ताओं के जरिए अपनी आवाज बुलंद करने को मजबूर हैं। इसी कड़ी में फूड ग्रेन डीलर्स एसोसिएशन लाडवा के प्रधान संजय गर्ग ने आज अपने कार्यालय में बुलाई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की इस सुस्त कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए।

सिर पर मक्के का सीजन, हाथ खाली; आढ़तियों के सामने खड़ा हुआ आजीविका का संकट

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एसोसिएशन के प्रधान संजय गर्ग ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केवल लाडवा अनाज मंडी के व्यापारियों का लगभग 4 करोड़ रुपया सरकार की तिजोरी में अटका हुआ है। लिक्विडिटी यानी नकदी की इस भारी कमी ने लाडवा मंडी के समूचे व्यापारिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। परेशानी इसलिए भी दोगुनी हो गई है क्योंकि इन दिनों मंडी में मक्के की फसल की आवक पूरे शबाब पर है। आढ़तियों को नियमानुसार किसानों की मक्के की उपज का नकद भुगतान करना पड़ रहा है। संजय गर्ग ने दर्द बयां करते हुए कहा कि जेब खाली होने के कारण व्यापारियों के सामने अपने घर के रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की स्कूल-ट्यूशन फीस, बीमारों की दवाई और दुकानों पर काम करने वाले मुनीमों व मजदूरों को वेतन देने का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री से लगाई गुहार, पूर्व प्रधान सहित कई दिग्गज रहे मौजूद

मंडी के मौजूदा हालातों को देखते हुए एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में आगाह किया है कि अगर यह ढुलमुल रवैया जारी रहा, तो मंडियों का कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है। संजय गर्ग ने सूबे के मुख्यमंत्री और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री से पुरजोर अपील की है कि वे इस मामले में खुद संज्ञान लें और आढ़तियों की रुकी हुई राशि को बिना किसी तकनीकी पेंच के जल्द से जल्द जारी करवाएं। इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान अनाज मंडी के पूर्व प्रधान बिमलेश गर्ग, जनरल सेक्रेटरी व अधिवक्ता विजय काम्बोज, सोनू मदान सहित मंडी के कई अन्य वरिष्ठ आढ़ती और व्यापारी नेता एकजुट नजर आए और उन्होंने सरकार के खिलाफ अपनी एकजुटता जाहिर की।

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