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Cyber Fraud Kurukshetra: सावधान! कुरुक्षेत्र के व्यापारी ने ट्रेडिंग ऐप पर लुटाए 21 लाख, आप न करें यह गलती

AAmandeep Singh
सावधान! कुरुक्षेत्र के व्यापारी ने ट्रेडिंग ऐप पर लुटाए 21 लाख, आप न करें यह गलती
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कुरुक्षेत्र।  धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के लाडवा कस्बे से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जो किसी के भी होश उड़ा दे। यहां एक व्यापारी को घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का लालच इतना महंगा पड़ा कि उसने महज चंद दिनों के भीतर अपनी जिंदगी भर की कमाई के 21.35 लाख रुपये गंवा दिए। साइबर अपराधियों ने इस पूरी वारदात को इतनी सफाई से अंजाम दिया कि पीड़ित को अंत तक भनक नहीं लगी कि वह किसी एक्सपर्ट से नहीं बल्कि शातिर ठगों से बात कर रहा है। साइबर थाना पुलिस ने अब इस मामले में जीरो टॉलरेंस दिखाते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

फेसबुक से दोस्ती और व्हाट्सएप पर ‘मुनाफे’ वाली कॉल

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पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, लाडवा निवासी अरुण कुमार की बर्बादी की पटकथा 3 मार्च को लिखी गई। उनकी फेसबुक आईडी पर एक अनजान शख्स का मैसेज आया। बातों-बातों में भरोसा जीता गया और फिर व्हाट्सएप पर संपर्क साधा गया। ठगों ने खुद को शेयर बाजार और ट्रेडिंग का बड़ा खिलाड़ी बताते हुए bitbazaarin.online नाम के एक प्लेटफॉर्म का सुझाव दिया। दावा किया गया कि अगर अरुण उनके बताए तरीके से निवेश करेंगे, तो उन्हें रातों-रात लाखों का रिटर्न मिलेगा।

ऐप में दिखता रहा फर्जी मुनाफा, हकीकत में खाली हो रहा था बैंक खाता

शातिर ठगों ने अरुण के मोबाइल में एक विशेष ऐप इंस्टॉल करवाई और उनकी बकायदा एक आईडी बनाई। शुरुआत में 3.50 लाख रुपये का निवेश कराया गया। अरुण को झांसे में रखने के लिए ठगों ने ऐप के डैशबोर्ड पर फर्जी ‘प्रॉफिट’ दिखाना शुरू कर दिया। मुनाफे का आंकड़ा बढ़ता देख अरुण का लालच भी बढ़ता गया। उन्होंने 12 और 13 मार्च को किश्तों में कभी 5.50 लाख तो कभी 12.35 लाख रुपये ठगों द्वारा दिए गए अलग-अलग यूपीआई और बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

टैक्स के नाम पर फिर मांगे पैसे तो खुला राज

धोखाधड़ी की परतें तब खुलीं जब अरुण ने ऐप में दिख रहे अपने मुनाफे की रकम को बैंक खाते में ट्रांसफर (विड्रॉल) करने की कोशिश की। कई प्रयासों के बाद भी जब पैसे नहीं निकले, तो उन्होंने कथित ट्रेडिंग एक्सपर्ट को फोन घुमाया। आगे से जवाब मिला कि “रकम बड़ी है, इसलिए आपको पहले लाखों रुपये का टैक्स जमा करना होगा।” बस यहीं अरुण का माथा ठनका। उन्हें समझ आ गया कि वह ऑनलाइन लुटेरों का शिकार हो चुके हैं। फिलहाल, कुरुक्षेत्र साइबर पुलिस टेक्निकल सर्विलांस और बैंक ट्रांजेक्शन की मदद से ठगों के गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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