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Ladwa News: चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त शर्मा ने किया संगीत शिविर का उद्घाटन, युवाओं में दिखा भारी उत्साह

GGaganpreet Kaur
चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त शर्मा ने किया संगीत शिविर का उद्घाटन, युवाओं में दिखा भारी उत्साह
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लाडवा (विजय कौशिक) आधुनिकता की चकाचौंध और मोबाइल-डिजिटल दौर के बीच नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और पारंपरिक कला से जोड़ने के लिए लाडवा में एक शानदार मुहिम शुरू हुई है। बाबा बंसी वाला वृद्ध आश्रम एवं अन्नक्षेत्र परिसर में सुर, लय और ताल का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। हरियाणा सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से यहां 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन (समर) गीत-संगीत कार्यशाला की शुरुआत की गई है। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि मार्केट कमेटी लाडवा के चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त शर्मा रहे, जिन्होंने दीप जलाकर इस सांस्कृतिक अभियान का श्रीगणेश किया।

जब 6 साल के बच्चे संग सुर मिलाने उतरे 72 साल के बुजुर्ग

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इस संगीत शिविर की सबसे खूबसूरत और दिल को छू लेने वाली तस्वीर यह है कि यहां कला सीखने की कोई उम्र आड़े नहीं आ रही। कार्यशाला के पहले ही दिन पंजीकरण कराने वालों में जहां 6 साल के नन्हे-मुन्ने बच्चे शामिल हैं, वहीं 72 वर्ष के बुजुर्ग भी पूरे उत्साह के साथ हारमोनियम और ढोलक पर थाप देना सीख रहे हैं। संगीत निर्देशक और मुख्य प्रशिक्षक दिलावर कौशिक की देखरेख में स्थानीय युवाओं को गायन, तबला वादन और वाद्य यंत्रों को बजाने की कड़े अभ्यास (रियाज़) के गुर सिखाए जा रहे हैं। उद्घाटन के मौके पर आश्रम के महासचिव अनुज गोयल और उपप्रधान संजय सिंघल ने अतिथियों को माला पहनाकर सम्मानित किया।

मानसिक तनाव दूर करने और झिझक मिटाने का बड़ा जरिया

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. गणेश दत्त शर्मा ने कहा कि संगीत महज मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह इंसानी जीवन को अनुशासित करने और मानसिक शांति प्रदान करने वाली एक थेरेपी है। वहीं, आश्रम के प्रधान विकास सिंघल ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी और व्यस्त जीवनशैली में बच्चे अपनी संस्कृति से दूर हो रहे हैं। ऐसी कार्यशालाएं बच्चों के भीतर से स्टेज का डर (झिझक) निकालती हैं और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होती हैं। संगीत गुरु दिलावर कौशिक ने भी नए शिष्यों को मंत्र दिया कि बिना नियमित घरेलू अभ्यास के इस विधा में निपुणता हासिल करना नामुमकिन है।

मुख्यमंत्री और कला-संस्कृति विभाग का जताया आभार

इस समर कैंप को लाडवा के बच्चों के लिए एक बेहतरीन सौगात बताते हुए प्रोजेक्ट चेयरमैन कुंवर सिंघल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कला संस्कृति विभाग का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सहयोग से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलता है। इस उद्घाटन समारोह के गवाह बनने वालों में शहर के प्रबुद्ध नागरिक राजकुमार सैनी, सुरेश कंसल, तिलकराज गुप्ता, जितेंद्र सिंह, रुमित गर्ग और नवीन गर्ग सहित भारी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे।

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