Mansa firing incident: पंजाब के मानसा में मंगलवार सुबह एक पुलिसकर्मी के घर से गोलियां चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। वार्ड नंबर-5 के निधान सिंह नगर में रहने वाले सीनियर कांस्टेबल गुरविंदर सिंह ने अपनी सरकारी बंदूक से पत्नी और दोनों बेटों को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। घटना में गुरविंदर सिंह और उसके छोटे बेटे जोत सिंह की मौत हो गई। पत्नी हरप्रीत कौर और बड़ा बेटा दिलशान सिंह गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों को शुरुआती उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बठिंडा एम्स रेफर किया गया है।
गुरविंदर सिंह की उम्र करीब 40 वर्ष बताई गई है। वह मानसा के डिप्टी कमिश्नर (DC) के गनमैन के तौर पर तैनात था और पिछले दो दिनों से छुट्टी पर चल रहा था। उसकी पत्नी हरप्रीत कौर की उम्र 36 वर्ष बताई गई है। बताया जा रहा है कि गुरविंदर सिंह सोमवार को ही अपने नए घर में शिफ्ट हुआ था। घर का काम अभी पूरा नहीं हुआ था और सामान भी पूरी तरह शिफ्ट नहीं किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने घर को सील कर दिया और जांच शुरू कर दी।
गोलियों की आवाज सुनकर घर पहुंचे पड़ोसी, अस्पताल में पिता-बेटे की मौत
घटना मंगलवार सुबह करीब साढ़े 6 से 7 बजे के बीच हुई। लगातार गोलियां चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग गुरविंदर सिंह के घर पहुंचे। अंदर परिवार के सदस्य खून से लथपथ पड़े मिले। इसके बाद लोगों ने घायलों को इलाज के लिए मानसा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। मानसा के सिविल सर्जन डॉ. रंजीत राय के मुताबिक, गोली लगने से घायल लोगों को मंगलवार सुबह करीब 7 बजे अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान गुरविंदर सिंह और उसके बेटे जोत सिंह की मौत हो गई। हरप्रीत कौर और दिलशान सिंह की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए बठिंडा एम्स भेजा गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद मानसा के SSP वैभव चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में घरेलू विवाद की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। SSP वैभव चौधरी के अनुसार, घटना में इस्तेमाल की गई सरकारी बंदूक पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है। घायल पत्नी हरप्रीत कौर और बेटे दिलशान सिंह के बयान दर्ज होना अभी बाकी है। उनके बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। घरेलू विवाद को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। झोटा हत्याकांड में सरकार की नई पहल, एक्शन कमेटी से बात करेंगी 3 महिला IAS अफसर

