Narendra Modi Gujarat Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में किसानों की जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने यहां के आलू उत्पादन और किसानों की मेहनत का जिक्र करते हुए कहा कि बनासकांठा का आलू दुनिया भर में मशहूर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बनासकांठा में आकर कोई नहीं कहता कि आलू से सोना बनाएंगे, क्योंकि यहां के लोग पहले ही आलू से सोना बना रहे हैं।” मोदी का यह बयान आलू से सोना बनाने वाले पुराने राजनीतिक जुमले की ओर इशारा था। उन्होंने बनासकांठा के किसानों की कृषि और आलू उत्पादन से जुड़ी उपलब्धियों की बात करते हुए कहा कि यहां के लोग अपनी मेहनत से खेती को आगे बढ़ा रहे हैं। जनसभा में बैठने की व्यवस्था भी चर्चा का विषय रही। किसानों के लिए कुर्सियों की जगह चारपाइयां बिछाई गई थीं। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लोगों के लिए यह अजूबा होगा कि किसी सभा में सभी लोग चारपाई पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि बनासकांठा के लोगों ने गांवों की इस पुरानी परंपरा को जिंदा रखा है। अगर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों को बुलाया होता तो यह रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता।
मोदी ने अपने संबोधन में गुजरात के साथ अपने लंबे जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को सेवक के रूप में काम करते हुए उनके 25 साल पूरे हुए हैं। 7 अक्टूबर 2001 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्हें गुजरात के लोगों का प्रेम और सहयोग मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह एक सामान्य परिवार से निकलकर आए हैं। उनके परिवार ने कभी गांव का मुखिया बनने तक का सपना नहीं देखा था, लेकिन गुजरात के लोगों ने उन्हें जिम्मेदारी निभाने का अवसर दिया। पहले गुजरात और फिर देश की सेवा का मौका मिला। उन्होंने कहा कि जनसेवा से राष्ट्रसेवा और गुजरात के विकास से देश के विकास का रास्ता उन्होंने लोगों से ही सीखा है।
उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा में जुटे रहेंगे। मोदी ने बनासकांठा के लोगों को 25 साल पहले की बिजली और पानी की समस्याएं भी याद दिलाईं। उन्होंने कहा कि उस समय वह लोगों से बिजली और पानी बचाने की अपील करते थे, लेकिन कई बार उन्हें विरोध का सामना करना पड़ता था। मोदी ने कहा कि उस समय लोग सवाल करते थे कि वह कौन होते हैं, जो बिजली और पानी बचाने की बात कहते हैं। इसके बावजूद उन्होंने लोगों को लगातार समझाया। अब उन्होंने फिर अपील की कि पानी और बिजली की बचत को प्राथमिकता दी जाए।
PM किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी
बनासकांठा के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत देश के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे भेजी जानी है। हर पात्र किसान परिवार को इस किस्त में 2,000 रुपये मिलते हैं। मोदी ने कहा कि गुजरात के 50 लाख से ज्यादा किसानों को भी इस किस्त का लाभ मिला है। उनके खातों में करीब 1,000 करोड़ रुपये की सहायता पहुंची है। बनासकांठा के किसानों को करीब 50 करोड़ रुपये मिलने की बात भी उन्होंने कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के किसान विकसित भारत के मजबूत स्तंभ हैं। उनके मुताबिक, 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट पांच गुना हो गया है। उन्होंने छोटे किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में 85 प्रतिशत से ज्यादा किसान छोटे किसान हैं और सरकार ने उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर PM किसान सम्मान निधि शुरू की। मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस योजना के तहत अब तक किसानों के खातों में करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये पहुंच चुके हैं। उन्होंने खाद की कीमतों, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद और फसल बीमा योजना का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, खाद की बढ़ी हुई अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बोझ किसानों पर न पड़े, इसके लिए सरकार ने करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। MSP पर गेहूं और धान की खरीद से किसानों के खातों में 24 लाख करोड़ रुपये पहुंचने और फसल बीमा योजना के तहत पिछले 10-12 वर्षों में करीब 2 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा मिलने की बात भी उन्होंने कही।
प्रधानमंत्री ने किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने के लिए गोबर और खेती के अवशेषों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसानों को गोबर से भी कमाई हो। इसके लिए गोबर और फसल अवशेषों से बायोगैस, बायो-CNG और जैविक खाद बनाने से जुड़ा बुनियादी ढांचा बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में बनास डेयरी के दो Bio-CNG प्लांट का शिलान्यास किया गया। ये प्लांट थराद और राधनपुर में लगाए जाएंगे। इनके जरिए पशुओं के गोबर को ऊर्जा में बदलने के साथ किसानों और पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर तैयार करने की योजना है। मोदी ने मछली पालन और मधुमक्खी पालन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत का सीफूड निर्यात दोगुना हुआ है। उनके मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में शहद का उत्पादन भी दोगुना हुआ है और भारत प्राकृतिक शहद का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है।
पशुओं के मुफ्त टीकाकरण और IVF तकनीक पर जोर
प्रधानमंत्री ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को किसानों की आय बढ़ाने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाया गया है। उनके मुताबिक, अब तक पशुओं को करीब 150 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं और 8 करोड़ से अधिक किसानों के पशुओं को मुफ्त टीकाकरण का लाभ मिला है। मोदी ने कहा कि पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होने से दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि 2013-14 में एक गाय या भैंस से औसतन पांच लीटर से कम दूध मिलता था, जबकि अब यह बढ़कर करीब आठ लीटर हो गया है। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बताते हुए डेयरी क्षेत्र में विज्ञान और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए देसी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन पर काम किया जा रहा है। बनासकांठा में बने नए भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर से इस मिशन को मजबूती मिलने की बात भी उन्होंने कही। यहां मुर्रा और जाफराबादी जैसी नस्लों के संरक्षण पर काम होगा। उन्होंने IVF तकनीक को पशुपालकों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि अगर किसी किसान के पास अधिक दूध देने वाली और कम खर्च में स्वस्थ रहने वाली गाय है, तो वह चाहता है कि उसकी अगली पीढ़ी में भी ये गुण बने रहें। IVF तकनीक से अच्छी नस्ल के गुण आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
किसानों को बीजों की करीब 3 हजार नई किस्में देने का दावा
मोदी ने कहा कि मौसम में बदलाव किसानों के सामने बड़ी चुनौती बन रहा है। इससे निपटने के लिए बीते वर्षों में किसानों को बीजों की करीब 3 हजार नई किस्में उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने खेती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए सॉइल हेल्थ कार्ड योजना का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, देश के किसानों के पास 26 करोड़ से ज्यादा सॉइल हेल्थ कार्ड हैं। इनकी मदद से किसानों को मिट्टी की जरूरत के अनुसार खाद और पोषक तत्वों के इस्तेमाल की जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि इससे खेती के तरीकों में आधुनिकता आई है और किसान जरूरत के हिसाब से फैसले ले सकते हैं। मोदी ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत करीब 12 लाख सोलर पंप दिए गए हैं। उनके मुताबिक, इन पंपों से किसानों को डीजल पर होने वाला खर्च बचाने में मदद मिली है। उन्होंने दावा किया कि अगर ये सोलर पंप नहीं मिलते तो किसानों को 80 करोड़ लीटर से अधिक डीजल खरीदना पड़ता।
14 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाएं, दो नई ट्रेन सेवाएं शुरू
बनासकांठा में प्रधानमंत्री ने 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें कृषि भंडारण, प्रसंस्करण, डेयरी, पशुपालन और परिवहन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कृषि अवसंरचना कोष के तहत तैयार 521 इकाइयां भी राष्ट्र को समर्पित की गईं। कार्यक्रम में 12 बागवानी क्लस्टरों में जमीनी स्तर पर काम शुरू करने की पहल भी की गई। इन क्लस्टरों का दायरा करीब 1.46 लाख हेक्टेयर बताया गया है और इनके जरिए 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उत्तर गुजरात के दो क्लस्टर आलू उत्पादन पर केंद्रित होंगे। प्रधानमंत्री ने दो ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई। इनमें अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचाराजी-साबरमती MEMU सेवा शामिल हैं। इन सेवाओं से संबंधित मार्गों पर रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने बनासकांठा में एम्ब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी-इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (ET-IVF) लैब और भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) के पशु फार्म का दौरा किया। इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दौरे पर हैं। शुक्रवार को बनासकांठा में किसान कार्यक्रम के बाद वह एकता नगर पहुंचे। यहां उन्होंने भारत पर्व 2026 के उद्घाटन सहित अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है। शनिवार 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धांजलि देने के साथ एकता दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

