Narnaul:
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सड़क हादसों में कमी लाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बुधवार को लघु सचिवालय में जिला सड़क सुरक्षा समिति और सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर यह सुनिश्चित कराया जाए कि बिना पीयूसीसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र) के किसी भी वाहन को ईंधन न दिया जाए। इसी तरह बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चालकों को भी पेट्रोल न दिया जाए।
उपायुक्त ने बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से स्कूल बसों की जांच निरंतर जारी रखने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने पेट्रोल पंपों पर इन निर्देशों की पालना के लिए पुलिस और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को निरंतर निरीक्षण करने को कहा गया।
उन्होंने परिवहन विभाग को प्रदूषण जांच केंद्रों की नियमित जांच के आदेश दिए गए।
डीसी ने सभी सड़क स्वामित्व वाली एजेंसियों को हर हादसा स्थल पर कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा गया।
उन्होंने शराब या नशे का सेवन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कोचिंग सेंटरों से भी पॉलिसी की पालना कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि हिट एंड रन के मामलों की जांच करके जल्द कार्यवाही की जाए ताकि पीड़ितों को समय पर मुआवजा राशि मिल सके। उन्होंने सभी अवैध कट को भी जल्द से जल्द बंद करने के निर्देश दिए ।
इस मौके पर सचिव आरटीए मनोज कुमार ने बिंदुवार एजेंडा पेश किया। नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी ने भी अपने सुझाव दिए।
बैठक में एसडीएम महेंद्रगढ़ योगेश सैनी, सीईओ जिला परिषद निर्मल नागर, एसडीएम नांगल चौधरी उदय सिंह, एसडीएम नारनौल गुरविंदर सिंह के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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ये हैं दो माह के चालान के आंकड़े
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार सितंबर और अक्तूबर में हेलमेट न पहनने पर 2,451 और 1,551 चालान हुए। ओवरस्पीड के 844 और 338 चालान किए गए, जबकि शराब पीकर वाहन चलाने के 14 और 10 मामले दर्ज हुए। उपायुक्त ने रेड लाइट जंप और ओवरस्पीड पर ज्यादा चालान करने तथा ओवरलोड वाहनों की चेकिंग बढ़ाने को कहा।
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