Sports News: गहली के पहलवान पीयूष बड़ेसरा का भारतीय टीम में चयन, स्लोवाकिया में खेलेंगे जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप
गहली के पहलवान पीयूष बड़ेसरा का भारतीय टीम में चयन
Sports News: हरियाणा के ग्रामीण अंचलों से निकले देसी अखाड़ों की मिट्टी किस कदर अंतरराष्ट्रीय स्तर के सूरमा तैयार कर रही है, इसकी एक और बानगी महेंद्रगढ़ जिले के गांव गहली में देखने को मिली है। गांव के सूबेदार अमृतपाल बड़ेसरा के होनहार पहलवान बेटे पीयूष बड़ेसरा का चयन आगामी जूनियर विश्व कुश्ती प्रतियोगिता (Junior World Wrestling Championship) के लिए भारतीय टीम में हुआ है। खेल प्रेमियों के लिए यह बेहद गौरवशाली खबर साझा करते हुए स्थानीय शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता अमरजीत सिंह बड़ेसरा ने बताया कि पीयूष आगामी 16 से 20 अगस्त तक स्लोवाकिया में आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता में भारत की ओर से मैट पर उतरेंगे।
झज्जर के अखाड़े में तपी मेधा, गुरु पवन शास्त्री के सानिध्य में निखरा हुनर
पीयूष के इस अंतरराष्ट्रीय सफर की नींव किसी एक दिन में नहीं, बल्कि पिछले चार वर्षों के कठिन परिश्रम और तपस्या से पड़ी है। वह पड़ोसी जिले झज्जर के एक विख्यात कुश्ती अखाड़े में नामचीन कोच पवन शास्त्री के कड़े और अनुशासित मार्गदर्शन में दांव-पेंच सीख रहे हैं। रोज घंटों पसीना बहाने और अपनी तकनीक को धार देने का ही नतीजा है कि आज पीयूष ने जूनियर स्तर पर देश के सबसे बेहतरीन पहलवानों की फेहरिस्त में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
रोहतक नेशनल में सोना और ट्रायल्स में नंबर वन बनकर पाया टिकट
स्लोवाकिया का टिकट हासिल करने से पहले पीयूष ने घरेलू सर्किट पर अपनी बादशाहत पूरी तरह साबित की। उन्होंने हाल ही में रोहतक की धरती पर 10 से 12 जुलाई तक आयोजित हुई अंडर-23 (U/23) नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में विरोधियों को चित करते हुए शानदार स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया था। इसके ठीक बाद, जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के चयन के लिए 16 जुलाई को आयोजित किए गए कड़े नेशनल ट्रायल्स में भी पीयूष ने अपनी श्रेणियों के सभी मुकाबलों में एकतरफा जीत दर्ज कर पहला स्थान हासिल किया और भारतीय जर्सी पहनने का हक पाया।
गांव में जश्न का माहौल, ग्रामीणों ने थपथपाई पीठ
पीयूष की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि की खबर जैसे ही गहली गांव पहुंची, पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ इस युवा पहलवान का जोरदार स्वागत किया और मिठाई बांटकर खुशियां मनाईं। बजुर्गों ने पीयूष को आशीर्वाद देते हुए उम्मीद जताई कि देश का यह बेटा स्लोवाकिया से भी सोना जीतकर तिरंगे का मान पूरी दुनिया में बढ़ाएगा। खेल विश्लेषकों का भी मानना है कि पीयूष की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए विश्व स्तर पर उनसे पदक की प्रबल उम्मीदें हैं।
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