Narnaul News: सीटीएम डॉ. मंगलसेन की मौजूदगी में हुआ ड्रा, जानें चयनित किसान कब तक खरीद सकेंगे कृषि यंत्र
नारनौल में 182 किसानों की खुली किस्मत
Narnaul News: खेती-किसानी को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों की उत्पादन लागत को कम करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार की ओर से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को नारनौल के लघु सचिवालय में ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन’ (एसएमएएम) योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर सब्सिडी प्रदान करने के लिए जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में ऑनलाइन ड्रा निकाला गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगराधीश (सीटीएम) डॉ. मंगलसेन ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत जिले भर से प्राप्त कुल 370 आवेदनों में से 182 किसानों को अनुदान के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि उन्नत कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से न केवल किसानों के समय और श्रम की बचत होगी, बल्कि खेती की लागत घटने के साथ फसलों की पैदावार में भी इजाफा होगा।
रोटावेटर और लेजर लैंड लेवलर पर मिलेगी सब्सिडी
नगराधीश ने ड्रा के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद रोटावेटर के लिए 332 किसान योग्य पाए गए थे, जिनमें से 163 किसानों का चयन किया गया है। वहीं लेजर लैंड लेवलर के लिए पात्र 38 आवेदकों में से 19 किसानों को ऑनलाइन ड्रा के जरिए सब्सिडी का लाभ देने के लिए चुना गया है।
सीटीएम ने चयनित लाभार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे 22 और 23 जुलाई को अपने संबंधित खंड कृषि अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर सभी जरूरी कागजात जमा करवाएं। इनमें ऑनलाइन आवेदन की रसीद, पैन कार्ड, ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ से जुड़ा बैंक खाता, परिवार पहचान पत्र में पंजीकृत ट्रैक्टर की आरसी, स्व-घोषणा पत्र और लघु-सीमांत या अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़ा प्रमाण पत्र शामिल हैं।
27 जुलाई से जारी होंगे पात्रता प्रमाण पत्र, 24 अगस्त तक बिल अपलोड करना अनिवार्य
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सभी दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद 27 जुलाई को पोर्टल के जरिए चयनित किसानों को ऑनलाइन अनुदान पात्रता प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसानों को 27 जुलाई से 18 अगस्त के बीच कृषि विभाग के पोर्टल पर सूचीबद्ध अधिकृत डीलरों से अपनी पसंद के अनुसार मोलभाव कर यंत्र खरीदने की सुविधा मिलेगी।
यंत्र खरीदने के बाद किसानों को डीलर का जीएसटी बिल, ई-वे बिल और यंत्र के साथ अपनी जीपीएस लोकेशन वाली फोटो 24 अगस्त तक पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज और बिल अपलोड करने वाले किसानों के कृषि यंत्रों का जिला स्तरीय भौतिक सत्यापन समिति द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद सब्सिडी की राशि सीधे उनके खातों में भेज दी जाएगी।
इस अवसर पर जिला कृषि उपनिदेशक (डीडीए) डॉ. देवेंद्र सिंह, सहायक कृषि अभियंता राजीव पाल, विषय विशेषज्ञ सतवीर सिंह चौहान, कृषि वैज्ञानिक डॉ. सत्यजीत, प्रगतिशील किसान समूह से बबीता और स्वयं सहायता समूह की मधु सहित कई अधिकारी व किसान उपस्थित रहे।
