Yamunanagar News: जगाधरी के राम मंदिर में हनुमान चालीसा के दौरान गदर, एडवोकेट पर पिस्टल तानने के आरोप में FIR दर्ज
जगाधरी के राम मंदिर में हनुमान चालीसा के दौरान गदर
Yamunanagar News: हरियाणा के यमुनानगर-जगाधरी स्थित गुरु अर्जुन नगर के श्री राम मंदिर परिसर में मंगलवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हनुमान चालीसा के पाठ के दौरान दो पक्ष आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट और गाली-गलौज के साथ-साथ हथियार तक लहराए जाने के आरोप लगे। हमले में पीड़ित एडवोकेट का आरोप है कि विरोधियों ने उनके कपड़े फाड़ दिए, मोबाइल छीनकर तोड़ दिया और मंदिर से बाहर निकलने से रोककर बंधक बना लिया। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
1961 का मंदिर, मूर्तियों की स्थापना को लेकर गहराया विवाद
जगाधरी की श्रीनगर कॉलोनी निवासी पीड़ित एडवोकेट चक्षु जुनेजा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके दादा ने वर्ष 1961 में गुरुनानकपुरा स्थित श्री राम मंदिर का निर्माण कराया था। दादा के बाद उनके पिता पवन कुमार जुनेजा, फिर बुआ शारदा और अब वे स्वयं मंदिर की देखरेख कर रहे हैं।
चक्षु जुनेजा के मुताबिक, बीते जून महीने में उन्होंने मंदिर परिसर में नई मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा करवाई थी और शनिदेव महाराज की अखंड ज्योत प्रज्वलित की थी। आरोप है कि इसी बात से खिन्न होकर क्षेत्र के कुछ लोग उनसे रंजिश रखने लगे और आए दिन मंदिर के धार्मिक कार्यों में अड़चन डालने लगे।
‘गला दबाने की कोशिश की, पिस्टल तानकर दी गाड़ने की धमकी’
शिकायत के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 7:15 बजे चक्षु जुनेजा अपने साथी वकीलों संदीप कुमार, विनय शर्मा, अजय और मंदिर के पुजारी के साथ हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। तभी अचानक नरेंद्र, पुनीत, राजिंद्र सिक्का, हरगोपाल और एक अज्ञात व्यक्ति हथियार लेकर मंदिर में दाखिल हुए।
आरोप है कि नरेंद्र ने उन पर सीधा हमला कर गला दबाने का प्रयास किया, जबकि बाकी लोगों ने हाथापाई की। इसी बीच एक अज्ञात व्यक्ति ने पिस्टल निकालकर उन पर तान दी और ‘यहीं गाड़ देने’ की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने मंदिर की मूर्तियों को उखाड़कर बाहर फेंकने की धमकी भी दी। साथ आए साथियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई।
दूसरे पक्ष का पलटवार- ‘मंदिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं एडवोकेट’
मामले ने तूल पकड़ा तो दूसरा पक्ष भी खुलकर सामने आ गया। आरोपी बनाए गए नरेंद्र शर्मा और राजेंद्र सिक्का का कहना है कि यह मंदिर पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं के सहयोग से बना है, लेकिन एडवोकेट चक्षु जुनेजा इस पर अपना निजी कब्जा जमाना चाहते हैं।
कॉलोनीवासियों का दावा है कि चक्षु ने मंदिर परिसर में नियमों से जुड़ा एक नोटिस चिपका दिया और उसके नीचे ‘आदेशानुसार चक्षु जुनेजा’ लिख दिया, जिसका स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब उनसे मंदिर से जुड़े मालिकाना हक के कागजात मांगे गए, तो वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके और उल्टा गाली-गलौज पर उतर आए।
फिलहाल सेक्टर-17 थाना पुलिस ने चक्षु जुनेजा की शिकायत पर चार नामजद समेत एक अज्ञात पिस्टलधारी के खिलाफ आर्म्स एक्ट, बंधक बनाने और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों की निष्पक्ष जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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