Amritsar News: अमृतसर से आज मीरी-पीरी खालसा मार्च, धार्मिक हस्तियां होंगी शामिल, संगत को होंगे शस्त्रों के दर्शन
अमृतसर से आज मीरी-पीरी खालसा मार्च
Amritsar News: अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब से आज छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के मीरी-पीरी दिवस को समर्पित मीरी-पीरी खालसा मार्च की शुरुआत होगी। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के आदेश पर आयोजित इस धार्मिक मार्च में सिंह साहिबान, विभिन्न तख्त साहिबान के जत्थेदार, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष और पंथ की प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक हस्तियां शामिल होंगी। मार्च की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद आयोजित गुरमत समागम के उपरांत होगी। बड़ी संख्या में संगत के शामिल होने की संभावना को देखते हुए आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पांच प्यारों की अगुवाई में निकलेगा मार्च
मीरी-पीरी खालसा मार्च श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पांच प्यारों की अगुवाई में सजाया जाएगा। धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य गुरमत का प्रचार-प्रसार करना और संगत को श्री अकाल तख्त साहिब के सिद्धांतों तथा आदेशों से अवगत कराना है। आयोजकों के अनुसार यह मार्च धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सिख इतिहास और विरासत से नई पीढ़ी को जोड़ने का भी प्रयास है।
संगत को ऐतिहासिक शस्त्रों के होंगे दर्शन
मार्च के दौरान एक विशेष बस के माध्यम से गुरु साहिबान और शहीद सिंहों से जुड़े ऐतिहासिक शस्त्रों के दर्शन संगत को करवाए जाएंगे। इसके अलावा सिख इतिहास, परंपराओं और संघर्ष को दर्शाने वाले पोस्टरों से सुसज्जित वाहन भी इस यात्रा का हिस्सा होंगे। आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य संगत को सिख इतिहास और विरासत से सीधे जोड़ना है, ताकि लोग ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें।
इन मार्गों से होकर गुजरेगा खालसा मार्च
मीरी-पीरी खालसा मार्च आज सुबह श्री अकाल तख्त साहिब से रवाना होकर हाल गेट, भंडारी पुल, पुतलीघर, गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, छेहरटा साहिब, इंडिया गेट बाईपास, खासा, घरिंडा और अटारी सहित विभिन्न गांवों से होते हुए गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब जी, ठट्ठा (तरनतारन) पहुंचेगा। यहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद 25 जुलाई को यह धार्मिक यात्रा तरनतारन साहिब के लिए रवाना होगी। आयोजकों ने संगत से परिवार सहित इस ऐतिहासिक खालसा मार्च में शामिल होकर गुरु साहिब की शिक्षाओं और गुरमत संदेश का हिस्सा बनने की अपील की है।
