July 24, 2026

Narnaul Fraud Case: नारनौल में फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का मैसेज दिखा दुकानदार से 38 हजार के तार ठगे

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Narnaul Fraud Case: नारनौल में फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का मैसेज दिखा दुकानदार से 38 हजार के तार ठगे

कंपनी कर्मचारी बनकर आया ठग, व्यापारी को 38,520 रुपये की चपत लगाकर फरार

Narnaul Fraud Case: डिजिटल लेनदेन के दौर में जालसाजी के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल शहर में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक शातिर ठग ने स्थानीय व्यापारी को फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का मैसेज दिखाकर 38 हजार 520 रुपये के बिजली के तार ठग लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सामान समेटकर रफूचक्कर हो गया।

पीड़ित दुकानदार की शिकायत के आधार पर शहर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, नई मंडी (राजीव चौक) निवासी रामपाल गर्ग अपने मकान के निचले हिस्से में सेनेटरी फिटिंग और इलेक्ट्रिकल सामान की दुकान चलाते हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बीते कल दोपहर करीब 3:30 बजे एक अज्ञात शख्स उनकी दुकान पर आया। उसने बड़ी ही बेफिक्री से खुद को अटेली स्थित ‘नेशनल हाईवे प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी का कर्मचारी बताया और 4 एमएम के आरआरक्यू-1 (RRQ-1) बिजली के तारों के 6 बंडल पैक करने को कहा।

कंपनी के नाम पर बनाया बिल, फिर दिखाया फर्जी पेमेंट का स्क्रीनशॉट

ठगी का ताना-बाना पूरी प्लानिंग के साथ बुना गया था। आरोपी ने बाकायदा कंपनी का जीएसटी नंबर (GST Number) देकर उसी नाम से पक्का बिल बनाने की बात कही और दावा किया कि बिल का पूरा भुगतान कंपनी के आधिकारिक बैंक खाते से ऑनलाइन कर दिया जाएगा।

व्यापारी को झांसे में लेने के लिए उसने दुकानदार से उनके बैंक खाते का ब्योरा (Bank Details) हासिल किया और कुछ ही देर में अपने मोबाइल में बैंक ट्रांसफर सफल होने का फर्जी मैसेज दिखा दिया।

स्क्रीन पर मैसेज देखकर रामपाल गर्ग को लगा कि पैसे उनके खाते में क्रेडिट हो चुके हैं। इसी विश्वास में उन्होंने तारों के छहों बंडल उस व्यक्ति के हवाले कर दिए।

जब बैंक खाता जांचा तो उड़े होश, कंपनी पहुंची पुलिस

आरोपी के सामान लेकर जाने के कुछ समय बाद जब रामपाल गर्ग ने अपना बैंक बैलेंस चेक किया, तो खाते में कोई रकम जमा नहीं हुई थी। अनहोनी की आशंका होने पर वे सीधे अटेली स्थित संबंधित कंपनी के दफ्तर पहुंचे। वहां पूछताछ करने पर पता चला कि कंपनी की तरफ से ऐसा कोई कर्मचारी सामान खरीदने भेजा ही नहीं गया था और न ही कोई पेमेंट की गई थी।

ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत पुलिस की शरण ली। रामपाल गर्ग ने पुलिस को बताया कि वे आरोपी को सामने आने पर पहचान सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नारनौल शहर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) और 318(4) के तहत एफआईआर संख्या 276 दर्ज कर ली है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की शिनाख्त कर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

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