Bhiwani News: बवानीखेड़ा में NEET पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का कैंडल मार्च, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी
'21 बच्चों की मौत की जिम्मेदार सरकार', बवानीखेड़ा में सड़कों पर उतरी कांग्रेस
Bhiwani News: देश भर में उबल रहे NEET पेपर लीक प्रकरण और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे छात्र-छात्राओं पर हुए बर्बर पुलिसिया लाठीचार्ज के विरोध में अब हरियाणा के कोने-कोने में गुस्सा देखा जा रहा है। भिवानी जिले के बवानीखेड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अनिल नेहरा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शहर में एक विशाल कैंडल मार्च निकालकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
यह कैंडल मार्च शहर के प्रसिद्ध गुलाब सिंह पार्क से शुरू हुआ, जो मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों से होता हुआ नागरिक अस्पताल चौक पर जाकर संपन्न हुआ। हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां और सरकार विरोधी तख्तियां थामे प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परीक्षार्थियों को न्याय दिलाने और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
“तनाव में 21 बच्चों ने गंवाई जान, लेकिन जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं सरकार”
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अनिल नेहरा ने सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण देश के युवाओं का भविष्य गहरे अंधकार में धकेला जा रहा है। सालों तक कड़ी मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को जब धांधली और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है, तो उनका मनोबल पूरी तरह टूट जाता है। इसी मानसिक तनाव के चलते देश भर में अब तक 21 मासूम अभ्यर्थियों को आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है।
अनिल नेहरा ने सीधे तौर पर कहा कि इन मासूमों की मौतों की सीधी जिम्मेदार यह संवेदनहीन सरकार है। अफसोस की बात तो यह है कि इतनी बड़ी त्रासदियों के बावजूद सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेने तक को तैयार नहीं है।
नैतिकता भूल चुकी है सरकार, मांगें न मानने पर पूरे प्रदेश में होगा उग्र आंदोलन
अतीत का उदाहरण देते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब देश में किसी बड़े मुद्दे या धांधली का खुलासा होता था, तो तत्कालीन सरकारों के मंत्री तुरंत जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे देते थे। लेकिन मौजूदा सरकार को न तो देश के आम नागरिकों की चिंता है और न ही युवाओं के करियर की।
कैंडल मार्च में शामिल नेताओं ने एक स्वर में सरकार को चेतावनी दी कि यदि जंतर-मंतर पर डटे छात्रों पर पुलिसिया अत्याचार तुरंत बंद नहीं किया गया और NEET मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो कांग्रेस इस लड़ाई को और व्यापक रूप देगी। इस मौके पर नरेंद्र तंवर, राजेश सिंधु, धर्मेंद्र बल्हारा, निखिल सहित कई स्थानीय कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
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