Time Traveler Claims: 2045 से लौटे टाइम ट्रैवलर का दावा, 2028 में एलियंस से होगा इंसानों का सामना
2045 की दुनिया देखकर लौटा शख्स! पॉलीग्राफ टेस्ट में सच साबित हुए दावे
Time Traveler Claims: 2045 से लौटे ‘टाइम ट्रैवलर’ का सनसनीखेज दावा: 2028 तक एलियंस से होगा संपर्क, हर इंसान के शरीर में फिट होगी माइक्रोचिप रहस्यों से भरी इस दुनिया में समय यात्रा (Time Travel) हमेशा से ही कौतूहल और बहस का विषय रही है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खुद को साल 2045 से आया ‘टाइम ट्रैवलर’ बताने वाले एक शख्स ने भविष्य को लेकर बेहद हैरान कर देने वाली भविष्यवाणियां की हैं।
एडम आर्चन नाम के इस व्यक्ति का दावा है कि वह आज से करीब 19 साल आगे की दुनिया देखकर लौटा है। उसके मुताबिक, आने वाले दो दशकों में पृथ्वी का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और ऐसी-ऐसी तकनीकें आम हो जाएंगी जो आज महज काल्पनिक फिल्मों का हिस्सा लगती हैं।
यूट्यूब चैनल ‘एपेक्स टीवी’ (ApexTV) को दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में एडम ने दावा किया कि साल 2028 तक मानव सभ्यता का एलियंस (परग्रहियों) के साथ पहला आधिकारिक संपर्क स्थापित हो जाएगा। इसके बाद दुनिया की तकनीक में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिलेंगे। एडम का कहना है कि 2045 आते-आते इंसान और रोबोट के बीच का अंतर लगभग खत्म हो जाएगा और मानव शरीर में माइक्रोचिप इंप्लांट करना बेहद सामान्य बात बन जाएगी।
“मेरे हाथ में भी लगी है चिप”, पॉलीग्राफ टेस्ट में पास होने का दावा
इंटरव्यू के दौरान एडम ने अपने हाथ की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि उसके अपने शरीर में भी ‘द वन’ (The One) नाम की एक एडवांस माइक्रोचिप लगी हुई है।
उसने बताया, “शुरुआत में जब यह चिप मेरे शरीर में लगाई गई थी, तो रिएक्शन के कारण मेरा हाथ सूज गया था, लेकिन अब यह पूरी तरह सामान्य हो चुका है।” एडम के अनुसार, भविष्य में इस चिप के जरिए इंसान अपने विचारों से ही एक-दूसरे से संवाद कर सकेंगे और सीधे इंटरनेट व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ जाएंगे।
इस पूरे वाकये में सबसे दिलचस्प और ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि इंटरव्यू के दौरान एडम लगातार पॉलीग्राफ यानी लाइ-डिटेक्टर (झूठ पकड़ने वाली) मशीन से जुड़ा हुआ था। दावा किया जा रहा है कि पूरी बातचीत के दौरान उसकी दिल की धड़कनों और शारीरिक संकेतों में कोई ऐसा उतार-चढ़ाव दर्ज नहीं हुआ जो झूठ की ओर इशारा करे। मशीन के इस नतीजे के बाद इंटरनेट पर इस वीडियो को लेकर बहस और तेज हो गई है।
एलन मस्क के न्यूरालिंक और बीमारियों के इलाज से जुड़ा तार
एडम के दावों को तकनीक जगत के वर्तमान रुझानों, खासकर एलन मस्क की कंपनी ‘न्यूरालिंक’ (Neuralink) के प्रयोगों से जोड़कर देखा जा रहा है।
न्यूरालिंक पहले से ही इंसानी दिमाग में चिप लगाने और न्यूरोलॉजिकल विकारों को ठीक करने की दिशा में काम कर रही है। टाइम ट्रैवलर का दावा है कि 2045 तक ब्रेन-चिप तकनीक इतनी उन्नत हो जाएगी कि यह अवसाद (Depression), ऑटिज्म, मोटापा और स्किजोफ्रेनिया जैसी गंभीर बीमारियों का चुटकी में इलाज कर सकेगी।
हालांकि, जहां एक तरफ लाखों लोग इस वीडियो को देखकर हैरान हैं और पॉलीग्राफ रिजल्ट्स के आधार पर इसे सच मान रहे हैं, वहीं वैज्ञानिकों और टेक-विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग इसे महज एक पब्लिसिटी स्टंट या स्मार्ट डिजिटल मार्केटिंग ट्रिक करार दे रहा है। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि समय यात्रा और एलियन संपर्क जैसे दावों का जब तक कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आता, तब तक इन्हें महज मनगढ़ंत कहानियां ही माना जाना चाहिए।
