July 24, 2026

Chandigarh Rose Festival: चंडीगढ़ में बिना सरकारी खर्च के होंगे गुलदाउदी शो और रोज फेस्टिवल, स्पॉन्सरशिप से जुटेगा पूरा बजट

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Chandigarh Rose Festival: चंडीगढ़ में बिना सरकारी खर्च के होंगे गुलदाउदी शो और रोज फेस्टिवल, स्पॉन्सरशिप से जुटेगा पूरा बजट

39वां गुलदाउदी शो और 55वां रोज फेस्टिवल

Chandigarh Rose Festival: चंडीगढ़ नगर निगम ने शहर के दो सबसे लोकप्रिय वार्षिक आयोजनों (39वें गुलदाउदी शो और 55वें रोज फेस्टिवल) की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले दो वर्षों की तरह इस बार भी दोनों कार्यक्रम जीरो बजट मॉडल के तहत आयोजित किए जाएंगे। यानी नगर निगम अपने बजट से इन आयोजनों पर कोई राशि खर्च नहीं करेगा और पूरा खर्च निजी स्पॉन्सरशिप के जरिए जुटाया जाएगा। नगर निगम के हॉर्टिकल्चर विभाग ने इसके लिए प्राइवेट एजेंसियों, कंपनियों, फर्मों, एनजीओ और अन्य संस्थाओं से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किए हैं। निगम का लक्ष्य दोनों आयोजनों के लिए करीब ₹1 करोड़ की स्पॉन्सरशिप जुटाने का है।

 

कब और कहां होंगे दोनों बड़े आयोजन

नगर निगम के अनुसार 39वां गुलदाउदी शो दिसंबर 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में सेक्टर-33 स्थित टेरेस्ड गार्डन में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन पर करीब ₹20 लाख खर्च होने का अनुमान है। वहीं 55वां रोज फेस्टिवल फरवरी 2027 में सेक्टर-16 स्थित रोज गार्डन में आयोजित होगा। यह तीन दिनों तक चलेगा और इसके आयोजन पर करीब ₹70 लाख खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। दोनों आयोजनों को मिलाकर कुल व्यय लगभग ₹90 लाख रहने का अनुमान है, जबकि नगर निगम ने स्पॉन्सरशिप के जरिए करीब ₹1 करोड़ जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

 

5 अगस्त तक जमा किए जा सकेंगे EOI

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक एजेंसियां, कंपनियां और अन्य संस्थाएं 5 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे तक हॉर्टिकल्चर विभाग में अपना एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जमा कर सकती हैं। इसके बाद प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा कर चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी और तय शर्तों के आधार पर स्पॉन्सर एजेंसी का चयन होगा।

 

स्पॉन्सर एजेंसी को मिलेगा 60% विज्ञापन स्पेस

स्पॉन्सरशिप मॉडल के तहत चयनित एजेंसी को कुल उपलब्ध विज्ञापन स्पेस का 60 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। एजेंसी इस स्थान का उपयोग अपने ब्रांड और अन्य सहयोगी कंपनियों के प्रचार-प्रसार के लिए कर सकेगी। नगर निगम शेष 40 प्रतिशत विज्ञापन स्पेस अपने पास सुरक्षित रखेगा, जिसका उपयोग वह अपनी योजनाओं, जनहित अभियानों और अन्य प्रचार गतिविधियों के लिए करेगा।

 

गुलदाउदी शो में मिलेंगे ब्रांडिंग के कई अवसर

गुलदाउदी शो के दौरान स्पॉन्सर एजेंसी को मुख्य मंच पर विज्ञापन लगाने और स्टेज से ब्रांडिंग संबंधी घोषणाएं करने की अनुमति होगी। इसके अलावा शहर के 30 राउंडअबाउट पर बैनर लगाए जा सकेंगे। आयोजन स्थल पर 50 विज्ञापन डिस्प्ले बोर्ड, 4 एलईडी स्क्रीन और 3 हॉट एयर बैलून पर ब्रांडिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही एक फूड कोर्ट, एम्यूजमेंट पार्क और 20 कॉर्पोरेट या कमर्शियल स्टॉल लगाने की अनुमति भी दी जाएगी।

 

रोज फेस्टिवल में और बड़े स्तर पर होगी ब्रांडिंग

रोज फेस्टिवल के दौरान स्पॉन्सर एजेंसी को मुख्य मंच और हैंगर टेंट पर विज्ञापन लगाने के अलावा स्टेज से पब्लिक अनाउंसमेंट करने का अधिकार मिलेगा। इसके साथ ही शहर के 30 प्रमुख राउंडअबाउट पर बैनर लगाने की अनुमति भी दी जाएगी। रोज गार्डन के चार अलग-अलग जोन में 100 विज्ञापन बोर्ड और 10 एलईडी स्क्रीन लगाई जा सकेंगी। इसके अलावा 5 हॉट एयर बैलून, 2 से 3 ऑटोमोबाइल वाहनों का प्रदर्शन, 2 फूड कोर्ट, ऊंट की सवारी, एम्यूजमेंट पार्क और 60 कमर्शियल स्टॉल लगाने की सुविधा भी स्पॉन्सर एजेंसी को मिलेगी।

 

तीन दिनों तक चलेंगे सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रम

दोनों आयोजनों के दौरान शहरवासियों और पर्यटकों के लिए कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्घाटन और समापन समारोह के अलावा हर शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और लोक नृत्य कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे। रोज फेस्टिवल में रोज प्रिंस-प्रिंसेस और रोज किंग-क्वीन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही फूलों की प्रदर्शनी, रंगोली, पेंटिंग, फोटोग्राफी और पतंगबाजी प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होगा। बच्चों के लिए विशेष एम्यूजमेंट पार्क, फूड कोर्ट और मनोरंजन की अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

 

दो साल से सफल साबित हो रहा है जीरो बजट मॉडल

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से दोनों आयोजनों का संचालन स्पॉन्सरशिप आधारित जीरो बजट मॉडल पर किया जा रहा है। इस व्यवस्था से नगर निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ा, जबकि शहरवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों को पहले की तरह बड़े स्तर के सांस्कृतिक और पुष्प उत्सव देखने का अवसर मिला। नगर निगम का मानना है कि निजी भागीदारी के इस मॉडल से आयोजनों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ सार्वजनिक धन की बचत भी संभव हो रही है। इसी वजह से इस वर्ष भी इसी व्यवस्था को जारी रखा गया है।

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