Miri-Piri Khalsa March: अमृतसर मीरी-पीरी खालसा मार्च में बड़ी संख्या में उमड़ी संगत, 3 अगस्त को होगा समापन
मीरी-पीरी मार्च में पालकी सेवा करते सुखबरी बादल संग अन्य सेवादार
Miri-Piri Khalsa March: पंजाब के अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब से शुक्रवार को विशेष मीरी-पीरी खालसा मार्च की शुरुआत हुई। मीरी-पीरी दिवस को समर्पित इस ऐतिहासिक यात्रा में सुबह से ही बड़ी संख्या में सिख संगत पहुंची। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सहित पंथ की कई प्रमुख हस्तियां मार्च में शामिल हुईं। श्री अकाल तख्त साहिब परिसर में धार्मिक वातावरण के बीच अरदास के बाद यात्रा की शुरुआत की गई। संगत ने पूरे उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक मार्च में भाग लिया। यात्रा के दौरान मीरी-पीरी के सिद्धांत और गुरु साहिब की शिक्षाओं का संदेश पंजाब के विभिन्न शहरों और गांवों तक पहुंचाया जाएगा।
मीरी-पीरी दिवस पर सिख संगत को दी शुभकामनाएं
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मीरी-पीरी दिवस के अवसर पर पूरी सिख कौम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से निकला यह मार्च पंजाब के कोने-कोने तक मीरी-पीरी के सिद्धांत को पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने संगत से अपील की कि वह यात्रा के दौरान सेवा, सफाई और लंगर जैसी धार्मिक सेवाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उनके अनुसार, यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का माध्यम भी है।
युवाओं को नशे से दूर रखने का संदेश
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने संगत से इस ऐतिहासिक यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि मार्च का उद्देश्य युवाओं को नशे और अन्य बुरी आदतों से दूर रखते हुए उन्हें सिखी स्वरूप और गुरु साहिब की शिक्षाओं से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि यात्रा के माध्यम से श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए मीरी-पीरी के सिद्धांत का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपने धार्मिक और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक हो सके।
पहले दिन इन प्रमुख स्थानों से गुजरा मार्च
मार्च पहले दिन श्री अकाल तख्त साहिब से रवाना होकर हॉल गेट, पुतलीघर, छेहरटा साहिब और अटारी सहित कई प्रमुख पड़ावों से गुजरेगा। इसके बाद यात्रा गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहिब, बीड़ ठठा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर संगत की ओर से स्वागत और धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
3 अगस्त को दमदमा साहिब में होगा समापन
पहले दिन के कार्यक्रम के बाद मीरी-पीरी खालसा मार्च श्री दरबार साहिब तरनतारन, गोइंदवाल साहिब, धर्मकोट (मोगा), वजीदपुर, फरीदकोट, जैतो, श्री मुक्तसर साहिब और बठिंडा सहित कई धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थानों से होकर गुजरेगा। यात्रा का अंतिम पड़ाव तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो होगा, जहां 3 अगस्त को इसका समापन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, पूरे मार्ग में धार्मिक समागम, कीर्तन और संगत के लिए सेवा कार्यों का आयोजन भी किया जाएगा।
धार्मिक और सामाजिक संदेश पर रहेगा विशेष जोर
आयोजकों का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि समाज में सेवा, अनुशासन, भाईचारे और गुरमत के सिद्धांतों को मजबूत करना भी है। यात्रा के दौरान संगत को गुरु साहिब की शिक्षाओं और सिख इतिहास से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी। मीरी-पीरी खालसा मार्च के जरिए युवाओं को नशामुक्त जीवन, सेवा भावना और सिख मूल्यों से जोड़ने का संदेश प्रमुख रूप से दिया जाएगा।
