Rajasthan News: बालोतरा में मां ने दो मासूम बच्चों के साथ टांके में कूदकर दी जान, तीनों की मौत, पूरे गांव में मातम
बालोतरा में मां ने दो मासूम बच्चों के साथ टांके में कूदकर दी जान
Rajasthan News: राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा थाना क्षेत्र के दुदवा गांव में मंगलवार तड़के एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 25 वर्षीय महिला अपने दो छोटे बच्चों को साथ लेकर घर के पास बने टांके में कूद गई। इस हादसे में महिला और दोनों मासूम बच्चों की मौत हो गई। सुबह जब परिवार के लोगों को घटना का पता चला तो घर में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक का माहौल फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही पचपदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और तैराकों की मदद से तीनों के शव टांके से बाहर निकाले गए। इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए बालोतरा के राजकीय नाहटा अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवा दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए पड़ताल की जा रही है।
सुबह पांच बजे चला घटना का पता, टांके के पास मिली चप्पल
पचपदरा थाने के सब इंस्पेक्टर अमराराम के अनुसार, 28 जुलाई की अलसुबह करीब तीन बजे महिला अपने दोनों बच्चों को साथ लेकर घर से निकली थी। उस समय परिवार के अन्य सदस्य सो रहे थे और किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह घर से बाहर चली गई है। सुबह करीब पांच बजे जब परिजन जागे तो महिला और दोनों बच्चे घर में नहीं मिले। पहले उन्होंने आसपास तलाश शुरू की। इसी दौरान घर के पास बने टांके के किनारे महिला की चप्पल दिखाई दी। परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय तैराकों की मदद से टांके में तलाश शुरू की। कुछ देर बाद महिला और दोनों बच्चों के शव पानी से बाहर निकाले गए। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
दो महीने पहले घर में गूंजी थी किलकारी, अब पसरा मातम
पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान मुली देवी (25) पत्नी हनुमानाराम प्रजापत के रूप में हुई है। उनका बड़ा बेटा रविंद्र करीब दो साल का था, जबकि छोटे बेटे नारायण का जन्म महज दो महीने पहले ही हुआ था। जिस घर में कुछ सप्ताह पहले नवजात के जन्म की खुशियां मनाई गई थीं, वहां अब मातम का माहौल है। गांव के लोगों के अनुसार परिवार मजदूरी करके अपना जीवन-यापन करता था। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
चार साल पहले हुई थी शादी, परिवार मजदूरी कर चलाता था घर
पुलिस ने बताया कि मुली देवी की शादी करीब चार साल पहले हनुमानाराम प्रजापत से हुई थी। परिवार आर्थिक रूप से साधारण है और मजदूरी करके अपना गुजारा करता है। दंपती के दो बेटे थे। बड़ा बेटा रविंद्र दो वर्ष का था, जबकि छोटा बेटा नारायण अभी दो महीने का ही था। एक साथ मां और दोनों बच्चों की मौत ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। घटना की खबर मिलते ही रिश्तेदार और ग्रामीण बड़ी संख्या में घर पहुंचने लगे।
पीहर पक्ष को दी गई सूचना, बयान के बाद आगे बढ़ेगी कार्रवाई
पुलिस ने घटना की सूचना मृतका के पीहर पक्ष को भी दे दी है। अधिकारियों के अनुसार, पीहर पक्ष के पहुंचने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शवों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आत्महत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं, हर पहलू की जांच
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कारण पर अभी अंतिम तौर पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जांच टीम पारिवारिक परिस्थितियों, आर्थिक स्थिति और अन्य संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है। यदि जांच के दौरान कोई तथ्य सामने आता है तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा है कि फिलहाल मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।
ऐसी घटनाएं समाज के लिए भी चिंता का विषय
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं केवल एक परिवार तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर देती हैं। किसी भी परिवार में अचानक हुई ऐसी त्रासदी बच्चों, बुजुर्गों और आसपास के लोगों पर भी गहरा मानसिक असर छोड़ती है। इस मामले में आत्महत्या के पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों की तस्वीर साफ हो सकेगी।
