Guru Purnima Narnaul: गुरु पूर्णिमा पर नारनौल में ‘गुरुवंदन-छात्र अभिनंदन’: मेधावी छात्रों और श्रेष्ठ गुरुजनों का हुआ सम्मान
भारत विकास परिषद ने मनाया 'गुरुवंदन' पर्व, जानिए किन शिक्षकों और विद्यार्थियों को मिला सम्मान
Guru Purnima Narnaul: नारनौल के निजामपुर स्थित विद्या भारती पब्लिक स्कूल में गुरु पूर्णिमा का पर्व बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भारत विकास परिषद शाखा नारनौल की ओर से ‘गुरुवंदन – छात्र अभिनंदन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज में गुरु-शिष्य की पावन परंपरा को संजोए रखना और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में शैक्षणिक गतिविधियों में मिसाल पेश करने वाले शिक्षकों को नमन किया गया, वहीं खेल, शिक्षा और योग में परचम लहराने वाले छात्र-छात्राओं का अभिनंदन हुआ।
प्रशासनिक दिग्गजों की मौजूदगी, शिक्षकों को मिला स्मृति चिन्ह
आयोजन में भारत विकास परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष एडवोकेट राजकुमार यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष मुकेश जैन ने की। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन सचिव संदीप शुक्ला ने संभाला। इस दौरान विद्यालय में अपनी बेहतरीन शिक्षण शैली से छात्रों का भविष्य संवारने वाले हिंदी अध्यापक राजकुमार और गणित अध्यापक अशोक कुमार का परिषद पदाधिकारियों द्वारा ‘गुरु वंदन’ करते हुए स्मृति चिन्ह देकर भावभीना सम्मान किया गया।
प्रतिभा का सम्मान: टॉपर्स से लेकर योग विजेताओं तक को मिली सराहना
समारोह के दूसरे सत्र में विद्यालय के होनहार विद्यार्थियों की प्रतिभा को सराहा गया। इसमें कक्षा 12 के शुभम (पुत्र अमर सिंह) को ‘बेस्ट एथलीट’ चुना गया, जबकि 10वीं कक्षा की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन के लिए 11वीं कक्षा की छात्रा दीपिका (पुत्री मनोज कुमार) और छात्र भास्कर (पुत्र प्रवीण कुमार एडवोकेट) को विद्यालय टॉपर के रूप में सम्मानित किया गया। इसके अलावा खेल और योग क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 9वीं कक्षा की सोनम (पुत्री मनोज कुमार) और 8वीं कक्षा की पायल (पुत्री अभय सिंह) को ‘स्टेट लेवल योग विजेता’ बनने पर मंच से स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
‘संस्कार और शिक्षा ही समाज की असली नींव’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिषद संस्कार प्रकल्प के संयोजक डॉ. शिवकुमार यादव और अध्यक्ष मुकेश जैन ने कहा कि भारत विकास परिषद का मूल ध्येय शिक्षा, सेवा और संस्कारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों के मन में शिक्षकों के प्रति आदर और भारतीय संस्कृति के प्रति निष्ठा मजबूत होती है। वहीं शाखा के पूर्व अध्यक्ष हितेंद्र बोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु ही किसी भी राष्ट्र और समाज की असली नींव होते हैं, जिनकी छत्रछाया और आशीर्वाद के बिना छात्र जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को नहीं छू सकते।
