Shyam Singh Rana Karnal: पेपर लीक बिल पर संसद में हंगामा, करनाल में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
पेपर लीक बिल पर संसद में हंगामा, करनाल में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
Shyam Singh Rana Karnal: संसद से लेकर राज्यों की सियासत तक इन दिनों पेपर लीक का मुद्दा गरमाया हुआ है। लोकसभा में भारी हंगामे और बहस के बीच ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक’ भले ही पास हो गया हो, लेकिन इस पर शुरू हुई जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही। संसद में जहां नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने करीब 50 मिनट की लंबी स्पीच देकर सरकार को घेरा, वहीं बुधवार को हरियाणा के करनाल पहुंचे प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस पूरे मामले पर पलटवार करते हुए बयान दिया है।
कष्ट निवारण समिति में पहुंचे थे मंत्री, 5 शिकायतों का किया समाधान
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा करनाल में जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे थे। बैठक के दौरान उन्होंने आम जनता की समस्याओं को सुना। इस दौरान कुल आई शिकायतों में से 5 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया, जबकि 7 अन्य जटिल मामलों को अगली सुनवाई तक पेंडिंग रखते हुए अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान मंत्री ने किसानों के मुद्दों और प्राकृतिक खेती पर भी बात की। उन्होंने कहा कि शंभू बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन के दौरान वे खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर मौके पर गए थे और किसानों से बातचीत कर उनका ज्ञापन स्वीकार किया था।
‘नीट मामले पर पीएम गंभीर, अब निकलेगा स्थाई समाधान’
बैठक खत्म होने के बाद जब पत्रकारों ने नीट पेपर लीक और संसद में पारित हुए नए कानून को लेकर सवाल पूछे, तो कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। अतीत में भी विभिन्न सरकारों के दौर में ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन मौजूदा सरकार इसका पक्का और स्थाई समाधान निकालने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।” उन्होंने दावा किया कि नए कानून के लागू होने के बाद भविष्य में ऐसे अपराधों पर पूर्ण विराम लगेगा।
राहुल की स्पीच पर सियासी खींचतान
पत्रकारों ने जब संसद में राहुल गांधी द्वारा दिए गए 50 मिनट के भाषण और उनके तीखे तेवरों का जिक्र किया, तो मंत्री श्याम सिंह राणा ने राहुल पर सियासी चुटकी ली।
गौरतलब है कि संसद में राहुल गांधी ने छात्रों का पक्ष रखते हुए कहा था, “देश का भविष्य सड़कों पर उतरा हुआ है। छात्रों के प्रदर्शन में कोई नफरत नहीं, बल्कि अपना हक मांगने की आवाज थी। अगर भाजपा के नेता अपने बच्चों से पूछेंगे, तो वे भी इन प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में ही खड़े मिलेंगे।”
पुराने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं मंत्री
यह पहला मौका नहीं है जब कृषि मंत्री अपने बयानों को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले अप्रैल महीने में जब हरियाणा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हजारों एकड़ फसल तबाह हुई थी, तब भी उनका एक बयान विवादों में घिर गया था। तब उन्होंने कहा था कि ‘सीधी बारिश से नुकसान नहीं होता बल्कि पैदावार दो क्विंटल प्रति एकड़ बढ़ जाती है।’ विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई देते हुए तर्क दिया था कि ‘घी सेहत के लिए अच्छा होता है लेकिन ज्यादा खा लो तो नुकसान करता है, बिजली से मोटर चलती है लेकिन छू लो तो करंट लग जाता है।’
संसद में कानून पास होने और नेताओं की बयानबाजी के बीच अब देखना यह होगा कि जमीनी स्तर पर यह नया विधेयक छात्रों के भविष्य को कितनी सुरक्षा दे पाता है।
