Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र नवोदय विद्यालय कक्षा 6 प्रवेश परीक्षा, कक्षा 5 के सभी पात्र बच्चों के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू
नवोदय विद्यालय निवारसी के प्राचार्य की अपील: 5वीं के हर बच्चे का भरवाएं चयन परीक्षा फॉर्म
Kurukshetra News: लाडवा (कैलाश गोयल)। पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, निवारसी के प्राचार्य निरंजन सिंह ने कुरुक्षेत्र जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs), सरकारी और निजी स्कूलों के प्रमुखों से एक विशेष आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि उनके विद्यालयों में कक्षा 5वीं में पढ़ रहे हर पात्र विद्यार्थी का जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (कक्षा 6 प्रवेश) के लिए ऑनलाइन फॉर्म समय रहते अवश्य भरवाया जाए।
प्राचार्य निरंजन सिंह के मुताबिक, कुरुक्षेत्र जिले के वे सभी बच्चे जिनका जन्म 1 मई 2015 से 31 जुलाई 2017 के बीच हुआ है, वे इस चयन परीक्षा के लिए पूरी तरह पात्र हैं। अभिभावक और शिक्षक सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए भी फॉर्म भरा जा सकता है।
पूरी तरह डिजिटल है प्रक्रिया, रखें इन दस्तावेजों को तैयार
आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे अलग से कोई फॉर्म डाउनलोड करने या कागजात जमा कराने का झंझट नहीं रहेगा। फॉर्म भरते वक्त विद्यार्थी का पासपोर्ट साइज फोटो, छात्र व अभिभावक के हस्ताक्षर, पहचान के लिए आधार विवरण तथा कक्षा 3री, 4थी और 5वीं से संबंधित शैक्षणिक विवरण साथ होना आवश्यक है।
पोर्टल पर मांगी गई जानकारियों को चरणबद्ध तरीके से दर्ज करने के बाद फॉर्म आसानी से सबमिट हो जाता है। सबमिशन के तुरंत बाद अभिभावकों को आवेदन पत्र का प्रिंटआउट लेकर भविष्य के संदर्भ के लिए अपने पास सुरक्षित रख लेना चाहिए।
स्कूलों में नामित हो नोडल शिक्षक, प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
नवोदय विद्यालय प्रशासन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और स्कूल प्रभारियों से अनुरोध किया है कि इस सूचना को गांव-गांव और हर पात्र बच्चे तक पहुंचाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि संभव हो तो विद्यालय स्तर पर ही किसी एक शिक्षक को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि कोई भी होनहार छात्र जानकारी के अभाव में छूट न जाए।
“इस परीक्षा का मकसद सिर्फ नवोदय विद्यालय में दाखिला पाना भर नहीं है। इससे बच्चों में छोटी उम्र से ही प्रतियोगी परीक्षाओं का सामना करने का हौसला बढ़ता है। उनकी रीजनिंग, गणितीय समझ और तार्किक क्षमता मजबूत होती है, जिसका सीधा फायदा उनकी बुनियादी शिक्षा पर पड़ता है।”
— निरंजन सिंह, प्राचार्य (जवाहर नवोदय विद्यालय, निवारसी)
उन्होंने ग्रामीण अंचल के अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों का आवेदन कराने में संकोच न करें और उन्हें इस परीक्षा में बैठने के लिए प्रेरित करें, ताकि देहात की छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे आने का सही मंच मिल सके।
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