Punjab weather: पंजाब-चंडीगढ़ में 3 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, आज कई जिलों में तेज बरसात की चेतावनी, सभी डैम का जलस्तर बढ़ा
कई जिलों में तेज बरसात की चेतावनी
Punjab Weather: पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 31 जुलाई से 3 अगस्त तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीमावर्ती जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर और होशियारपुर में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, मोहाली, रूपनगर और नवांशहर समेत कई इलाकों में भी तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों तक लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने की जरूरत होगी। मौसम में आई इस सक्रियता का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। राज्य के अधिकतम तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे तापमान सामान्य के करीब पहुंच गया है। फरीदकोट में सबसे अधिक 37.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ का असर मौसम पर साफ दिख रहा
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार मध्य प्रदेश और विदर्भ के ऊपर बना डिप्रेशन अब महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में अच्छी बारिश करा रहा है। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ फिलहाल पंजाब से दक्षिण की ओर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पंजाब के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब उत्तर हरियाणा की ओर खिसक गया है। इसी वजह से अगले 24 घंटे के दौरान पूरे प्रदेश में अत्यधिक तेज बारिश की संभावना कम है, लेकिन कई जिलों में रुक-रुककर अच्छी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
इन जिलों में ज्यादा असर, कई इलाकों में जलभराव की आशंका
31 जुलाई को पंजाब और चंडीगढ़ के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है। वहीं पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर और होशियारपुर के कुछ क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा मोहाली, रूपनगर, जालंधर, कपूरथला, तरनतारन और शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) के कुछ स्थानों पर भी भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। किसानों के लिए भी मौसम महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि धान की फसल को बारिश से लाभ मिलेगा, लेकिन अत्यधिक वर्षा होने पर खेतों में पानी निकासी की चुनौती बढ़ सकती है।
भाखड़ा और पोंग डैम में बढ़ी पानी की आवक, लेकिन अभी खतरे से दूर
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर पंजाब के प्रमुख बांधों पर भी दिखाई दे रहा है। भाखड़ा डैम में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। वर्तमान में डैम का जलस्तर 1599.08 फीट दर्ज किया गया है। इसमें 39,785 क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि 24,495 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डैम का खतरे का निशान 1680 फीट है, यानी मौजूदा जलस्तर अभी भी करीब 81 फीट नीचे है। पोंग डैम का जलस्तर 1338.15 फीट रिकॉर्ड किया गया है।
इसमें 60,288 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 9,991 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसका खतरे का निशान 1390 फीट है और मौजूदा जलस्तर उससे लगभग 52 फीट नीचे बना हुआ है। दोनों डैमों में पानी बढ़ने के बावजूद फिलहाल किसी तरह की खतरे की स्थिति नहीं है। अगर पिछले वर्ष की समान अवधि से तुलना करें तो उस समय भाखड़ा डैम का जलस्तर 1609.74 फीट और पोंग डैम का जलस्तर 1340.39 फीट था। यानी इस वर्ष दोनों डैमों का स्तर पिछले साल की तुलना में अभी थोड़ा कम है।
बारिश के बावजूद बिजली की मांग 14 हजार मेगावाट से ऊपर
बारिश होने के बावजूद पंजाब में उमस पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। दिन के समय नमी बढ़ने के कारण लोगों को गर्मी महसूस हो रही है, जिसका असर बिजली की खपत पर भी पड़ा है। वीरवार को राज्य में बिजली की मांग बढ़कर 14,550 मेगावाट तक पहुंच गई। इस मांग को पूरा करने के लिए 4,906 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया, जबकि 9,687 मेगावाट बिजली सेंट्रल पूल से ली गई। इस दौरान बिजली ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 50.02 हर्ट्ज दर्ज की गई, जिसे सामान्य स्तर माना जाता है।
अगले चार दिन क्या रहेंगी परिस्थितियां
मौसम विभाग के अनुसार 3 अगस्त तक पंजाब और चंडीगढ़ में मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी। अलग-अलग जिलों में रुक-रुककर बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
