Pratap Nagar News: कलेसर के जंगलों में खैर तस्करों पर छापा, बाइक और 12 गिल्टे छोड़ भागे आरोपी
खैर के पेड़ों की अवैध कटाई कर रहे आरोपी मोटरसाइकिल छोड़कर फरार, 12 पीस लकड़ी बरामद
Pratap Nagar News: प्रताप नगर (रघबीर सिंह): कलेसर राष्ट्रीय उद्यान और उससे सटे संरक्षित वन क्षेत्रों में बहुमूल्य खैर की लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ वन्य जीव विभाग को बड़ी सफलता मिली है। विभाग की मुस्तैद टीम ने चिक्कन वन क्षेत्र के शाहजादवाला पी.एफ. (प्रोटेक्टेड फॉरेस्ट) में दबिश देकर लकड़ी तस्करों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया। विभागीय घेराबंदी होते देख आरोपी अपनी दो मोटरसाइकिलें और काटी गई खैर की लकड़ी मौके पर ही छोड़कर घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाते हुए चंपत हो गए।
शाम ढलते ही शुरू हुआ था अवैध कटाई का खेल
वन्य जीव विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 30 जुलाई 2026 की शाम करीब 7 बजे गुप्त सूचना मिली थी कि 4-5 नकाबपोश तस्कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर शाहजादवाला के जंगलों में दाखिल हुए हैं और खैर के कीमती पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं। सूचना मिलते ही वन दरोगा अनुज कुमार, वन्य जीव रक्षक संजीव कुमार और प्रदीप कुमार की एक संयुक्त टीम ने बिना वक्त गंवाए बताए गए इलाके की ओर रुख किया और चारों तरफ से घेराबंदी शुरू कर दी।
जैसे ही विभागीय टीम लकड़ी काट रहे तस्करों के करीब पहुंची, आहट पाकर आरोपी सतर्क हो गए। जंगल में उगी घनी झाड़ियों, ऊंची घास और ढलते अंधेरे की आड़ लेकर तस्कर जंगलों के भीतर ओझल हो गए।
मौके से 12 गिल्टे और दो बाइक जब्त, कासली के 5 तस्करों की पहचान
टीम ने जब मौके का मुआयना किया तो वहां खैर के चार ताजा कटे हुए ठूंठ (मुंडियां) मिले। पास ही काटकर रखे गए खैर की लकड़ी के 12 पीस (आयतन लगभग 0.635 घन मीटर) और तस्करों की दो मोटरसाइकिलें लावारिस हालत में पड़ी मिलीं। विभाग ने तुरंत प्रभाव से लकड़ी और वाहनों को अपने कब्जे में लेकर वन अपराध रिपोर्ट (FOR No. 042/2026) दर्ज की।
विभागीय जांच और स्थानीय सूत्रों की मदद से फरार आरोपियों की शिनाख्त कर ली गई है। आरोपी कासली गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, जिनकी पहचान ताज मोहम्मद उर्फ ताजू (पुत्र नूरहशन), फुरकान उर्फ काला (पुत्र मोबदीन), आबिद (पुत्र मीरहशन), सुकरदीन उर्फ शुकरू (पुत्र बानी) और आबिद (पुत्र सिनना) के रूप में हुई है।
बीएनएस और वन अधिनियम के तहत कानूनी शिकंजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन्य जीव निरीक्षक राजबीर ने प्रताप नगर थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय वन अधिनियम 1927 तथा वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज कराया है।
वन्य जीव निरीक्षक लीलू राम ने स्पष्ट लहजे में कहा, “वन संपदा और वन्य जीव देश की अनमोल धरोहर हैं। कलेसर और आसपास के जंगलों में लकड़ी तस्करों या शिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें जंगलों और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।” उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि कोई भी व्यक्ति जंगल को नुकसान पहुंचाता दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
यह भी पढ़ें– यमुनानगर में 3 करोड़ के सोने की दिनदहाड़े लूट, व्यापारी के पेट में मारा चाकू
