Guru Hargobind Singh Prakash Parv: सिखों के छठे गुरु, मीरी-पीरी के मालिक धन-धन साहिब श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी महाराज के प्रकाश उत्सव को लेकर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास अपने चरम पर पहुंच गया है। गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में चल रहे पांच दिवसीय समागम के पांचवें दिन रविवार को आस्था का एक विहंगम नजारा देखने को मिला।
मौका था श्री अखंड पाठ साहिब की दूसरी लड़ी की संपूर्णता और तीसरी व अंतिम लड़ी के शुभारंभ का। गुरु दरबार में शीश नवाने पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने वाहेगुरु के चरणों में हाजिरी लगाई और सामूहिक रूप से समूची मानवता के कल्याण की मन्नत मांगी। इस बीच, सबकी नजरें सोमवार यानी 29 जून को सजाए जाने वाले ‘महान नगर कीर्तन’ पर टिकी हैं, जिसे लेकर समूचे कुरुक्षेत्र शहर को बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया गया है।
दिल्ली से लेकर राजस्थान तक की संगत बनेगी गवाह, तैयारियां मुकम्मल
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि इस बार का नगर कीर्तन ऐतिहासिक होने जा रहा है। इसमें शिरकत करने के लिए न केवल हरियाणा और पंजाब, बल्कि दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी जत्थों और संगत का पहुंचना लगातार जारी है।
प्रशासनिक और धार्मिक स्तर पर रूट से लेकर लंगर तक की सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। सोमवार सुबह गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया और पंच प्यारों की अगुवाई में यह नगर कीर्तन गुरुद्वारा पातशाही छठी से जयकारों की गूंज के साथ रवाना होगा। शहर के विभिन्न मुख्य चौकों और रास्तों से गुजरते हुए, जहां स्थानीय लोग इसका स्वागत करेंगे, वहीं देर शाम इसकी वापसी इसी पावन परिसर में होगी। नगर कीर्तन के स्वागत में रात को विशेष रूप से रंग-बिरंगी आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलेगा।
“गुरु साहिब के प्रकाश पर्व को समर्पित इस नगर कीर्तन को लेकर संगत में अभूतपूर्व उत्साह है। सुरक्षा से लेकर संगत के ठहरने और खान-पान के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शहर के जिन रास्तों से नगर कीर्तन गुजरेगा, वहां स्वागत द्वारों का निर्माण किया गया है। शाम को नगर कीर्तन की वापसी पर अलौकिक आतिशबाजी की जाएगी।”
— जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा, प्रधान, हरियाणा कमेटी
दिन-रात चल रही है सेवा: ठंडे शरबत की छबीलें और दस्तार की ट्रेनिंग
समागम के पांचवें दिन भी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए हरियाणा कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा सहित कमेटी सदस्य बीबी जसबीर कौर मसाना, इंद्रजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह और सुखजिंदर सिंह मसाना खुद कमान संभाले रहे। इसके साथ ही धर्म प्रचार विभाग के उप सचिव अमरिंदर सिंह, फ्लाइंग विभाग के कर्मचारी जज सिंह, मैनेजर हरमीत सिंह और सहायक सुपरवाइजर रघुवीर व सुखजिंदर अपनी टीमों के साथ मुस्तैद दिखे।
परिसर के भीतर सेवा का जज्बा भी देखते ही बन रहा है। संत महापुरुष बाबा अमरीक सिंह जी कार सेवा वालों की देखरेख में तरह-तरह के लजीज पकवानों के स्टाल दिनभर संगत के लिए खुले रहे।
जून की इस तपती उमस और गर्मी से राहत देने के लिए सुबह से देर शाम तक जलजीरे, नींबू पानी और रूहअफजा के शरबत की छबीलें लगातार चलती रहीं। वहीं दूसरी ओर, युवाओं को अपनी पगड़ी की विरासत से जोड़ने के लिए चल रहा दस्तार (पगड़ी) प्रशिक्षण शिविर भी रविवार को गुलजार रहा, जहां दर्जनों बच्चों ने पारंपरिक तरीके से सुंदर दस्तार सजाने के गुर सीखे।

