July 2, 2026

Yamunanagar Crime: यमुनानगर में विधवा के सूने घर में घुसे बदमाश, जमकर की तोड़फोड़ और पथराव, पुलिस के रवैए से परिवार परेशान

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Yamunanagar Crime: यमुनानगर में विधवा के सूने घर में घुसे बदमाश, जमकर की तोड़फोड़ और पथराव, पुलिस के रवैए से परिवार परेशान

यमुनानगर में विधवा के सूने घर पर दबंगों का तांडव, खिड़की-दरवाजे तोड़े

Yamunanagar Crime: यमुनानगर के अमादलपुर रोड स्थित बागवाली कॉलोनी से सरेआम गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक विधवा महिला के सूने घर को निशाना बनाकर कुछ युवकों ने न सिर्फ दीवार फांदकर अंदर घुसकर उत्पात मचाया, बल्कि रसोई के शीशे, वॉशबेसिन और दरवाजे तक तोड़ डाले। वारदात के वक्त घर पर कोई मौजूद नहीं था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने बाहर से भी मकान पर जमकर ईंट-पत्थर बरसाए। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव है, वहीं पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

दो दिन पुरानी कहासुनी बनी बवाल की वजह

बागवाली कॉलोनी की रहने वाली पीड़िता गीता ने बताया कि वह अपने दो बच्चों के साथ रहती है और मेहनत-मजदूरी कर घर चलाती है। दो-तीन दिन पहले उसके बेटे की मोहल्ले के ही एक युवक के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी और मारपीट हुई थी। हालांकि, तब स्थानीय लोगों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हो गया था, लेकिन आरोपी पक्ष मन में रंजिश पाले बैठा था। घटना वाली रात गीता काम पर गई थी और उसका बेटा उसे लेने गया हुआ था, जबकि बेटी वृंदावन यात्रा पर थी। घर पर ताला लटका देख आरोपियों ने पहले उसे तोड़ने की कोशिश की और नाकाम रहने पर दीवार फांदकर भीतर दाखिल हो गए।

चीख-पुकार मची तो भागे हमलावर, चश्मदीदों ने बयां की कहानी

पड़ोस में रहने वाले प्रवीण ने बताया कि उसने वारदात से ठीक पहले तीन युवकों को घर के बाहर संदिग्ध हालत में घूमते देखा था। रात का अंधेरा होते ही उन्होंने पहले मुख्य गेट पर पथराव किया और फिर अंदर कूद गए। इसके बाद घर के भीतर से सामान टूटने की तेज आवाजें आने लगीं।

जब तक पड़ोस के लोग अपनी छतों और घरों से बाहर निकलकर इकट्ठा होते, आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो चुके थे। जब गीता अपने बेटे के साथ लौटी, तो घर का मंजर देखकर उसके होश उड़ गए; पूरी गृहस्थी का सामान आंगन में बिखरा पड़ा था।

“पुलिस कह रही है खुद ही तोड़ा सामान” – पीड़िता का छलका दर्द

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस का रवैया बताया जा रहा है। पीड़िता गीता का आरोप है कि तबाही की सूचना तुरंत डायल-112 और स्थानीय थाने को दी गई, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। उल्टा पुलिसकर्मी पीड़ित परिवार को ही कटघरे में खड़ा करते हुए यह कह रहे हैं कि उन्होंने खुद ही अपने घर का सामान तोड़ा है।

इस रवैए से आहत परिवार ने अब जिला पुलिस के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। दूसरी ओर, पुलिस के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।

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