July 5, 2026

Chandigarh News: पक्षियों की चहचहाहट से फिर गुलजार होंगे शहर के कोने, रेडक्रॉस ने शुरू किया ‘पंछी बसेरा’ अभियान

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Chandigarh News: पक्षियों की चहचहाहट से फिर गुलजार होंगे शहर के कोने, रेडक्रॉस ने शुरू किया ‘पंछी बसेरा’ अभियान

चंडीगढ़ में पक्षियों के लिए बनाया गया बसेरा

Chandigarh News: अब शहर में चहचहाते पंछियों को अपना सुरक्षित बसेरा तलाशने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। तेजी से बढ़ते शहरीकरण और पेड़ों की घटती संख्या के बीच चंडीगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी ने पक्षियों के संरक्षण के लिए रेडक्रॉस पंछी बसेरा’ अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत शहर में ऐसे स्थान विकसित किए जाएंगे, जहां पक्षियों को सुरक्षित घोंसले, भरपूर दाना, स्वच्छ पेयजल और प्राकृतिक माहौल एक ही जगह उपलब्ध हो सके।

अभियान का शुभारंभ शुक्रवार को इंफोसिस फाउंडेशन रेडक्रॉस सराय परिसर में चंडीगढ़ के उपायुक्त एवं चंडीगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष निशांत कुमार यादव और रेडक्रॉस के सचिव अमनदीप सिंह ने किया। इस पहल को साकार करने में रेडक्रॉस की नोडल अधिकारी पूनम मलिक की अहम भूमिका रही।

संवेदनशील पहल

कार्यक्रम में एसडीएम (ईस्ट) पवितर सिंह, इंफोसिस फाउंडेशन के प्रतिनिधि पीयूष, चंडीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष एस.सी. अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। रेडक्रॉस पंछी बसेरासिर्फ घोंसले लगाने की योजना नहीं, बल्कि शहर में प्रकृति और इंसान के बीच रिश्ते को और मजबूत बनाने की एक संवेदनशील पहल है। इससे आने वाले समय में चंडीगढ़ के पार्कों और खुले इलाकों में पक्षियों की चहचहाहट और भी अधिक सुनाई देने की उम्मीद है।

अभियान के पहले चरण में रेडक्रॉस सराय के पार्क क्षेत्र को पक्षियों के अनुकूल बनाया गया है। यहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के लिए लकड़ी के घोंसले लगाए गए हैं। दाना-पात्र और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है, वहीं एक छोटा तालाब और पक्षियों को आकर्षित करने वाले पौधे भी लगाए गए हैं।

प्राकृतिक वातावरण तैयार करना

उद्देश्य ऐसा प्राकृतिक वातावरण तैयार करना है, जहां पक्षी न केवल भोजन और पानी पा सकें, बल्कि सुरक्षित रूप से घोंसला बनाकर रह भी सकें। रेडक्रॉस सोसायटी की योजना इस अभियान को पूरे शहर तक ले जाने की है। आगामी चरणों में चंडीगढ़ के पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर भी पक्षियों के लिए घोंसले, दाना-पात्र और पेयजल की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे शहर में पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रयों का एक नेटवर्क तैयार होगा।

 लोगों से भी इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील

 उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि पक्षियों की चहचहाहट किसी भी शहर की जीवंतता और पर्यावरणीय संतुलन का प्रतीक होती है। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों, छतों और बालकनियों में भी पक्षियों के लिए दाना और पानी रखने तथा इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक छोटा-सा प्रयास करे, तो हजारों पक्षियों को जीवनदान और सुरक्षित आश्रय मिल सकता है। इस मौके पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से पर्यावरण-अनुकूल परिवहन अपनाने और चंडीगढ़ प्रशासन की ‘नो कार बुधवार’ पहल का समर्थन करने की भी अपील की। उनका कहना था कि स्वच्छ और हरित शहर ही पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकता है।

 

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