Diljit Dosanjh Satluj Released: 3 साल के बैन और विवाद के बाद Zee5 पर आई ‘पंजाब 95’, बदल गया फिल्म का नाम
'सतलुज' में नहीं लगा कोई कट, यह वही कहानी है जो दिलजीत दोसांझ के साथ बनाई थी
Diljit Dosanjh Satluj Released: मनोरंजन जगत में सेंसरशिप और विवादों की भेंट चढ़ी फिल्मों की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन जब कोई फिल्म तमाम बेड़ियों को तोड़कर दर्शकों के बीच पहुंचती है, तो उसकी गूंज दूर तक सुनाई देती है। ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पंजाब 95’ आखिरकार तमाम कानूनी पचड़ों को पार कर दर्शकों के सामने आ चुकी है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 (Zee5) पर इसे 3 जुलाई को ‘सतलुज’ के नए नाम से गुपचुप तरीके से रिलीज कर दिया गया। 2022 से चल रही सेंसर बोर्ड की खींचतान और अनगिनत कट्स की खबरों के बीच रिलीज हुई इस फिल्म को लेकर दर्शक संशय में थे, लेकिन अब मेकर्स ने खुद सामने आकर तस्वीर साफ कर दी है।
‘यह वही ओरिजनल फिल्म है जो हमने बनाई थी’ – हनी त्रेहान
फिल्म के डिजिटल प्रीमियर के बाद सिनेमा प्रेमियों के बीच यह बहस छिड़ गई थी कि क्या सेंसर बोर्ड के डर से फिल्म की आत्मा से छेड़छाड़ की गई है? इन आशंकाओं को खारिज करते हुए निर्देशक हनी त्रेहान ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया। हनी ने कहा, “लोगों में भारी भ्रम है कि फिल्म को काफी काट-छांट कर दिखाया जा रहा है।
मैं साफ कर दूं कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमने बहुत कोशिश की, लेकिन कानूनी तौर पर हमें ‘पंजाब 95’ नाम नहीं मिल सका। सिर्फ नाम बदला है और कुछ नहीं। यह हूबहू वही फिल्म है जिसे मैंने, मेरे निर्माताओं और दिलजीत ने मिलकर बुना था। यह एक शत-प्रतिशत ओरिजनल सिनेमा है।”
दिलजीत का लाइव आकर विरोधियों को जवाब: ‘फिल्म देखने के बाद कइयों के मुंह बंद हो जाएंगे’
रिलीज से ठीक एक दिन पहले दिलजीत दोसांझ ने भी इंस्टाग्राम पर लाइव आकर दर्शकों से सीधा संवाद किया था। तब उन्होंने तारीख का खुलासा तो नहीं किया था, लेकिन यह संकेत दे दिया था कि कोई बड़ा धमाका होने वाला है।
फिल्म के लाइव होने के बाद दिलजीत ने निर्देशक के सुर में सुर मिलाते हुए कहा, “मैंने यह फिल्म पहले भी देखी थी और अब भी देखी है, इसमें एक फ्रेम का भी बदलाव नहीं है।” दिलजीत ने आक्रामक अंदाज में यह भी जोड़ा कि जो लोग इस फिल्म के पीछे की नीयत पर सवाल उठा रहे थे, ‘सतलुज’ को देखने के बाद उन कइयों के मुंह हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे।
जसवंत सिंह खालड़ा का वो दौर, जब दहल उठा था पंजाब
‘सतलुज’ की कहानी पंजाब के इतिहास के उस काले और संवेदनशील दौर को खंगालती है, जिसने 1980 और 90 के दशक में पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया था।
फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन संघर्ष से प्रेरित है, जिनकी भूमिका खुद दिलजीत ने निभाई है। यह वह दौर था जब पंजाब में चरमपंथ (खालिस्तान आंदोलन) के चरम पर होने के दौरान हजारों युवकों के अचानक गायब होने, फर्जी मुठभेड़ों और गैर-कानूनी पुलिस हिरासत के गंभीर आरोप लगे थे। खालड़ा ने इन मामलों को उजागर करने के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी थी।
अर्जुन रामपाल और सुविंदर विक्की का संजीदा अभिनय
गंभीर और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन रामपाल, ‘कोहरा’ फेम सुविंदर विक्की, वरिष्ठ अभिनेता कंवलजीत सिंह और गीतिका विद्या ओहल्यान जैसे कलाकारों ने अपनी अदाकारी के जौहर दिखाए हैं।
साल 2022 से ठंडे बस्ते में पड़ी इस फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड (CBFC) ने दर्जनों बार आपत्तियां जताई थीं, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (जैसे टोरंटो फिल्म फेस्टिवल) में इसके प्रीमियर को भी रोक दिया गया था। बहरहाल, लंबी कानूनी लड़ाई के बाद ‘सतलुज’ का स्क्रीन पर आना भारतीय सिनेमा के लिहाज से एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें– Alia Bhatt Kalki 2: ‘कल्कि 2’ में दीपिका पादुकोण को रिप्लेस करेंगी आलिया भट्ट? सुपरस्टार प्रभास के पोस्ट से मची हलचल
