July 8, 2026

Panipat Municipal Corporation Scam: जेल में बंद जेई की दफ्तर में लग रही थी हाजिरी, दो रिटायर्ड क्लर्क गिरफ्तार!

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Panipat Municipal Corporation Scam: जेल में बंद जेई की दफ्तर में लग रही थी हाजिरी, दो रिटायर्ड क्लर्क गिरफ्तार!

जेल में आरोपी जेई, सरकारी दफ्तर में लग रही थी 'फर्जी' हाजिरी

Panipat Municipal Corporation Scam: हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक सनसनीखेज उदाहरण पानीपत नगर निगम में देखने को मिला है. पंचकूला में करोड़ों रुपये के फ्रॉड केस में सलाखों के पीछे पहुंचे जूनियर इंजीनियर (जेई) रोहित सैनी की गिरफ्तारी के बाद भी दफ्तर में उनकी हाजिरी बदस्तूर जारी थी. हैरत की बात यह है कि 1 जुलाई को पुलिस द्वारा दबोचे जाने के अगले दिन भी सरकारी रजिस्टर में जेई साहब को ड्यूटी पर तैनात दिखाया गया. इस पूरे फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद पानीपत से लेकर चंडीगढ़ तक हड़कंप मच गया है. नगर निगम के कमिश्नर डॉ. पंकज राव ने इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए पूरे स्टाफ के अटेंडेंस रिकॉर्ड खंगालने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं.

पांच हजार के महीने पर बिके रिटायर्ड क्लर्क, कमिश्नर ने दिए मुकदमा दर्ज करने के आदेश

नगर निगम के भीतर चल रहे इस खेल के पीछे जो कहानी निकलकर सामने आई है, वह बेहद हैरान करने वाली है. जांच में पता चला है कि इस फर्जी हाजिरी के पीछे निगम से ही रिटायर हो चुके दो पूर्व क्लर्क—ओमवीर और सोमवीर मुख्य भूमिका निभा रहे थे.

रिश्वत का खेल: विभागीय सूत्रों के मुताबिक, दफ्तर से जाने के बाद भी इन दोनों पूर्व कर्मचारियों की निगम कार्यालय में पूरी तूती बोलती थी. आरोप है कि आरोपी जेई रोहित सैनी इन दोनों रिटायर्ड क्लर्कों को अपनी गैर-हाजिरी छिपाने के लिए हर महीने ₹5,000 की बंधी-बंधाई रिश्वत दे रहा था. कमिश्नर ने अब इन दोनों के खिलाफ भी तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. भविष्य में ऐसा दोबारा न हो, इसके लिए अब पानीपत निगम में पारंपरिक रजिस्टर हटाकर ‘फेस रिकग्निशन’ (चेहरा पहचानने वाली) बायोमेट्रिक प्रणाली को अनिवार्य किया जा रहा है.

‘शिव नरेश’ कंपनी के डायरेक्टर से साढ़े तीन करोड़ का फ्रॉड, मुख्य साजिशकर्ता भाई की तलाश तेज

गौरतलब है कि जेई रोहित सैनी कोई मामूली अपराधी नहीं है, बल्कि उस पर देश की जानी-मानी खेल सामग्री निर्माता कंपनी ‘शिव नरेश प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह से ₹3.50 करोड़ की ठगी करने का आरोप है. रोहित ने दिल्ली के रहने वाले शिव प्रकाश को झांसा दिया था कि वह हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन से उनका बकाया ₹2.50 करोड़ का भुगतान करवा देगा और उन्हें किसी भी संभावित विजिलेंस जांच से भी बचा लेगा. फिलहाल कोर्ट ने आरोपी जेई को 8 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेजा है, जहाँ उसके बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. पुलिस इस पूरे मामले के मुख्य मास्टरमाइंड और रोहित के भाई मोहित की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, जबकि ठगी की रकम जिस दीपांशु नामक युवक के खाते में ट्रांसफर हुई थी, उसे पहले ही दबोचा जा चुका है.

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