Punjab Weather Update: अमृतसर-गुरदासपुर में सुबह से भारी बारिश, मौसम विभाग ने अगले 3 घंटे के लिए जारी किया अलर्ट
पंजाब के 11 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश, जानें आपके शहर में कब से बढ़ेगी उमस वाली गर्मी
Punjab Weather Update: पंजाब के सीमावर्ती जिलों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। अमृतसर और गुरदासपुर में सुबह की शुरुआत घने बादलों और तेज बौछारों के साथ हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, माझा और दोआबा बेल्ट के पट्टी, सुल्तानपुर लोधी, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर और बटाला समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश का यह दौर फिलहाल जारी रहेगा। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। विभाग ने पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
कल से सुस्त पड़ेगा मानसून, सताएगी चिपचिपी गर्मी
राहत की इस बौछार के बीच मौसम विभाग ने एक ऐसी खबर दी है जो आम लोगों की चिंता बढ़ा सकती है। पिछले कई दिनों से एक्टिव चल रहा मानसून कल (13 जुलाई) से थोड़ा कमजोर पड़ने जा रहा है।
हालांकि, 13 से 17 जुलाई के बीच स्थानीय स्तर पर छिटपुट बदलाव के चलते कहीं-कहीं बूंदाबांदी जरूर होगी, लेकिन भारी बारिश का कोई नया सिस्टम फिलहाल नहीं बन रहा है। मानसून के सुस्त पड़ते ही हवा में नमी बढ़ने के कारण पंजाब के लोगों को उमस भरी चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसे हालात, मोगा में रिकॉर्ड तोड़ बरसात
जुलाई के शुरुआती 11 दिनों के आंकड़े देखें तो पंजाब में मानसूनी बादलों का मिजाज काफी अजीब रहा है। सूबे के 23 जिलों में से 11 जिलों में तो सामान्य से अधिक पानी बरसा है, लेकिन 4 जिले ऐसे हैं जहां सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।
आईएमडी (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में सबसे ज्यादा 142.1 मिमी बारिश पठानकोट में दर्ज की गई। प्रतिशत के लिहाज से देखें तो मोगा जिले में सामान्य से 185 फीसदी ज्यादा पानी बरस चुका है। इसके उलट, होशियारपुर में महज 8.9 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 88% कम है। वहीं मुक्तसर में भी 83% कम पानी गिरा है।
बिजली की मांग चरम पर, बांधों में पानी का कोटा सुरक्षित
उमस और खेती की जरूरतों के कारण इस समय पंजाब में बिजली की डिमांड काफी ज्यादा बनी हुई है। सूबे में बिजली की मांग 14,458 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसकी पूर्ति के लिए तय शेड्यूल से ज्यादा बिजली ग्रिड से ली जा रही है, जबकि राज्य के अपने बिजलीघरों से 4,992 मेगावाट का उत्पादन हो रहा है।
राहत की बात यह है कि पहाड़ों में हुई बारिश के बावजूद पंजाब की लाइफलाइन कहे जाने वाले भाखड़ा और पोंग बांध में पानी का स्तर पूरी तरह नियंत्रण में है। भाखड़ा का जलस्तर इस समय 1574.92 फीट है (खतरे का निशान 1680 फीट), जबकि पोंग बांध 1320.80 फीट पर है, जो इसके डेंजर लेवल 1390 फीट से काफी नीचे है।
अगर चंडीगढ़ की बात करें तो वहां पिछले 24 घंटे में 46.1 मिमी बारिश हुई है, लेकिन 1 जून से अब तक का कुल आंकड़ा सामान्य से करीब 14.7 प्रतिशत पीछे चल रहा है। शहर में अगले पांच दिन बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और पारा 35 से 36 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
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