Mahendragarh News: गर्मी में कंबल और सर्दी में बर्फ की सिल्ली! महेंद्रगढ़ के संतलाल के दावे ने सबको चौंकाया
सर्दियों में 3 घंटे बर्फ पर लेटने का दावा करने वाले संतलाल की क्या है सच्चाई? जानें डॉक्टरों की राय
Mahendragarh News: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले का एक छोटा सा गांव डेरोली अहीर इन दिनों एक अनोखे मामले को लेकर सुर्खियों में है। यहां के रहने वाले 70 साल के बुजुर्ग संतलाल के शरीर की बनावट और उसकी प्रतिक्रिया आम इंसानों जैसी नहीं है। पेशे से राजमिस्त्री रहे संतलाल का दावा है कि उनका शरीर बाहरी मौसम के बिल्कुल विपरीत काम करता है।
जब पूरी दुनिया जून-जुलाई की भीषण गर्मी और उमस से बेहाल होकर एसी-कूलर के चक्कर काटती है, तब संतलाल को हाड़ कंपाने वाली ठंड का अहसास होता है। गांव वाले अब उन्हें प्यार और अचरज से ‘मौसम विभाग’ कहकर पुकारने लगे हैं।
गर्मी में अलाव की तपिश और सर्दियों में बर्फ का सहारा
संतलाल ने अपनी दिनचर्या और इस अनोखी स्थिति के बारे में बात करते हुए बताया कि इन दिनों जब पारा आसमान छू रहा है, तब वे दो मोटे कंबल ओढ़कर बैठते हैं। ठंड इतनी ज्यादा लगती है कि उन्हें कई बार घर के आंगन में अलाव (आग) जलाकर बैठना पड़ता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस तपिश में भी उनके शरीर पर पसीने की एक बूंद तक नजर नहीं आती।
इसके विपरीत, जब दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है, तो वे गर्मी से राहत पाने के लिए बर्फ की सिल्ली पर लेट जाते हैं। संतलाल के मुताबिक, वे लगातार तीन घंटे तक बर्फ पर लेटने और उस दौरान बर्फ खाने का रिकॉर्ड भी बना चुके हैं।
प्रशासन से मिला सम्मान, लेकिन डॉक्टरों ने दी चेतावनी
संतलाल के परिवार में उनकी पत्नी, चार बेटे, बहुएं और पोते-पोतियां हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संतलाल बचपन से ही ऐसे हैं और दूर-दूर से लोग इस कौतुक को देखने गांव आते हैं।
उनकी इस अनोखी पहचान के लिए जिला प्रशासन भी उन्हें सम्मानित कर चुका है। संतलाल का कहना है कि डॉक्टरों की कई टीमों ने उनकी जांच की, लेकिन उन्हें आज तक कोई गंभीर बीमारी नहीं निकली। हालांकि, चिकित्सा जगत इस पूरे मामले को किसी चमत्कार या अनोखी शक्ति के रूप में देखने से साफ इनकार करता है।
मेडिकल साइंस क्या कहता है? जानिए डॉक्टरों की राय
इस अजीबोगरीब स्थिति पर रोशनी डालते हुए जनरल फिजिशियन डॉ. सुरेंद्र मित्तल ने बताया कि ऐसी शारीरिक प्रतिक्रिया को किसी चमत्कार के रूप में देखना पूरी तरह गलत है। चिकित्सा विज्ञान में इसके पीछे कई स्पष्ट और गंभीर कारण हो सकते हैं।
डॉ. मित्तल के अनुसार, हाइपोथायराइडिज्म (थायराइड हार्मोन का बेहद कम होना), शरीर में खून (हीमोग्लोबिन) की भारी कमी, आयरन या विटामिन B-12 की कमी और ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम (जो शरीर का तापमान नियंत्रित करता है) में गड़बड़ी होने पर इंसान को मौसम का अहसास बिल्कुल उलट या असामान्य हो सकता है।
डॉक्टरों का यह भी कहना है कि अत्यधिक धूम्रपान करने वाले लोगों में भी रक्त संचार प्रभावित होने से हाथ-पैर ठंडे रहने की समस्या होती है। किसी भी व्यक्ति के केवल व्यक्तिगत दावों को सच मानकर बैठ जाना समझदारी नहीं है।
ऐसे मामलों में बिना गहन मेडिकल और न्यूरोलॉजिकल जांच के किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है। अगर किसी को भी शरीर के तापमान में ऐसा असामान्य बदलाव महसूस होता है, तो उसे तुरंत विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए।
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